13.1 C
Delhi
Thursday, December 8, 2022
No menu items!

मोहन भागवत ने बताया अखंड भारत बनने का समय, कहा यह सब हम अपनी आंखों से देखेंगे, जो रास्ते में आएगा मिट जाएगा 

- Advertisement -
- Advertisement -

RSS प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) बुधवार को कनखल के संन्यास रोड स्थित श्रीकृष्ण निवास एवं पूर्णानंद आश्रम में ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर श्री 1008 स्वामी दिव्यानंद गिरि की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा और श्री गुरुत्रय मंदिर का लोकार्पण करने के लिए पहुंचे थे.

इस मौके पर उन्होंने कहा कि सनातन धर्म (Sanatan Dharma) ही हिंदू राष्ट्र है. 15 साल में भारत फिर से अखंड भारत बनेगा. और यह सब हम अपनी आंखों से देखेंगे. उन्होंने कहा कि वैसे तो संतों की ओर से ज्योतिष के अनुसार 20 से 25 साल में भारत फिर से अखंड भारत होगा ही, अगर हम सब मिलकर इस कार्य की गति बढ़ाएंगे तो 10 से 15 साल में अखंड भारत बन जाएगा.

- Advertisement -

’10 से 15 साल में अखंड भारत बन जाएगा’

मोहन भागवत ने कहा कि भारत लगातार प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहा है. इसके रास्ते में जो आएगा वो मिट जाएगा. उन्होंने कहा कि हम अहिंसा की ही बात करेंगे, पर यह बात हाथों में डंडा लेकर कहेंगे. हमारे में मन में कोई द्वेष, शत्रुता भाव नहीं है, लेकिन दुनिया शक्ति को ही मानती है तो हम क्या करे.

‘दुनिया शक्ति को ही मानती है तो हम क्या करे’

‘जब राज्य बदलता है तो राजा भी बदल जाता है’

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जिस प्रकार भगवान कृष्ण की अंगुली से गोवर्द्धन पर्वत उठ गया था, पर गोपालों ने सोचा कि उनकी लकड़ियों के बल पर गोवर्द्धन पर्वत रुका हुआ है. जब भगवान कृष्ण ने अंगुली हटाई तो पर्वत झुकने लगा. तब गोपालों को पता चला कि पर्वत तो भगवान श्रीकृष्ण की अंगुली से रुका हुआ है. ऐसे ही लकड़ियां तो हम सब लगाएंगे, पर संतगणों के रूप में इस महान कार्य के लिए अंगुली लगेगी तो स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद के सपनों का अखंड भारत बनाने में जल्द सफलता मिलेगी. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म और भारत समान शब्द हैं. लेकिन जब राज्य बदलता है तो राजा भी बदल जाता है.

सनातन धर्म धर्म को मिटाने वाले खुद मिट गए

भागवत ने कहा एक हजार साल तक भारत में सनातन धर्म को समाप्त करने का लगातार प्रयास किया गया, लेकिन वह मिट गए, पर हम और सनातन धर्म आज भी वहीं है. उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां आकर दुनिया के हर प्रकार के व्यक्ति की दुष्ट प्रवृत्ति समाप्त हो जाती है. वह भारत में आकर या तो ठीक हो जाता है या फिर मिट जाता है.

- Advertisement -
Jamil Khan
Jamil Khanhttps://reportlook.com/
journalist | chief of editor and founder at reportlook media network
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here