हमेशा चुप चुप रहने वाले मोहम्मद शमी ने दिया इंटरव्यू, ‘हिजाब’ मुद्दे पर भी दिया जवाब

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भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) से टाइम्स नाउ नवभारत ने खास बातचीत की है। इस इंटरव्यू में शमी ने टीम इंडिया की कप्तानी और भारतीय क्रिकेट पर खुलकर बातचीत की है। इसके अलावा उन्होंने राजनीति, सामाजिक काम और भारतीय सेना से लेकर हिजाब को लेकर उठे ताजा विवाद पर भी अपनी राय रखी है।

आमतौर पर बहुत शांत रहने वाले मोहम्मद शमी ने इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में खुलकर अपनी बातें सामने रखी हैं। शमी ने ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ के वैभव भोला (सीनियर कॉरेसपोंडेंट) को दिए इस खास इंटरव्यू में क्या-क्या कहा, आइए जानते हैं।

मोहम्मद शमी सुपर एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के कुछ अंश

प्रश्नः अब रोहित शर्मा तीनों प्रारूपों में कप्तान है, इस फैसले को आप कैसे देखते हैं?

शमीः एक दिन नेक्स्ट कैप्टन आना ही था, रूटीन होता है, कभी न कभी रोहित को आना था, रोहित बहुत अच्छा कप्तान है। विराट की कप्तानी मैं हर जग अच्छा किया, लेकिन कोई ना कोई अगला कप्तान आना था।

प्रश्नः विराट की कप्तानी पर क्या कहेंगे? उन्होंने कप्तानी छोड़ने के बारे में कब बताया? 

शमी: साउथ अफ्रीका में विराट ने आकार बताया वो कप्तानी छोड़ रहा है, बहुत शॉकिंग था, पहले तो हमें लगा मजाक है, लेकिन बाद मैं एहसास हुआ की वो गंभीर है। अब विराट की जिम्मेदारी है एक खिलाड़ी के रूप में अपना 100% देना और वो दे रहा है। विराट के 60-70 रन किसी को रन नहीं दिख रहे, सबको 100 चाहिए, 80-90 तो विराट बना रहा है। विराट अपना 100% दे रहा है।

प्रश्नः आईसीसी टूर्नामेंट में भारत के ट्रैक रिकॉर्ड पर क्या कहेंगे और विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में हुई ट्रोलिंग पर क्या कहेंगे?

शमीः आईसीसी टूर्नामेंट मैं हमने काफ़ी गलती की हैं, इसे दोहराएंगे नहीं करेंगे तभी जीतेंगे। जहां तक ट्रोलिंग की बात हैं, तो मुझे इंडिया-पाकिस्तान मैच के बाद ट्रोल किया, उससे मुझे फरक नहीं पड़ता, चाहे सरहद के पार वाले ट्रोल करें, या सरहद के अंदर वाले ट्रोल करें वो भूल जाते हैं कि हमने अपने देश के लिए क्या किया है। ऐसी ट्रोलिंग को देखता नहीं हूं, मैं अंदर से इंडियन हूं कोई नहीं बदल सकता

प्रश्नः उस मामले में शोएब अख्तर और शाहिद अफरीदी ने भी प्रतिक्रिया दी थी, उस पर क्या कहेंगे?

शमीः पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर्स को क्या मतलब है हमारे मामले में बोले का, हमारी टीम है, जो गलतियां की हैं, उसे हम ठीक करेंगे, वो कौन होते हैं बोलने वाले।

प्रश्नः अपने क्षेत्र में सुधार या व्यवस्थाओं पर?

शमीः मैं अपने एरिया मैं ज्यादा नहीं जाता हूं, लेकिन यहां सुविधा कुछ ज्यादा सुधरी नहीं है, गांव जैसे पहले था आज भी वैसा ही है, ना स्पोर्ट्स का कुछ है, ना मेडिकल है, ना एजुकेशन का कुछ है, एरिया डेवलप नहीं हुआ है, बस लोगों की सोच बदली है। मेरे क्षेत्र में कुछ ज्यादा अच्छा नहीं हुआ है, अगर यहां कोई प्रमुख स्वास्थ्य मुद्दा आया तो 140 किलोमीटर दूर दिल्ली जाना पड़ता है। मेजर हेल्थ की फैसिलिटी नहीं। एमबीबीएस, इंजीनियरिंग कॉलेज भी नहीं है। मुझे मौका मिला तो स्पोर्ट्स, हेल्थ और एजुकेशन पर अपने एरिया मैं काम करूंगा।

प्रश्न: स्कूल-कॉलेज में कपड़ों को लेकर ताजा विवाद पर?

शमीः मैं किसी विवाद में नहीं जाना चाहता लेकिन, कपड़े और संस्कृति का हर परिवार को पता होता है। वो अपने हिसब से मैनेज होना चाहिए, किस कल्चर मैं भेजना है वो गार्जियन को देखना चाहिए। इंडिया में बहुत कल्चर हैं, लैंग्वेज बहुत अलग-अलग हैं, गार्जियन को गाइड करना चाहिए। बच्चों को ये सब बताने का फायदा नहीं, बच्चों को गतिविधि मैं डालो, मैं कभी बच्चे को धार्मिक कोण से बड़ा करने का नहीं सोचा, उसे गतिविधि मैं लाओ, संस्कृति मैं लाओ, देश की संस्कृति सिखाओ, धार्मिक चीज पर लडाई होना बेकार है, बच्चों को लोगों के सामने अच्छी बात करनी आनी चाहिए।

प्रश्नः क्या क्रिकेट से संन्यास के बाद भारतीय सेना की यूनिफॉर्म पहनना चाहेंगे?

शमी: बिल्कुल। हमारे सोल्जर्स को सलाम है, वो माइनस डिग्री टेम्परेचर मैं रहते हैं, बर्फ मैं पूरा दिन खड़े रहते हैं, हम यहां राजाई मैं होते हैं। सलाम करने वाली बात है। मुझे आर्मी में जाने का मौका मिला तो हमेशा हाजिर रहूंगा।

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