नई दिल्ली. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा है कि सरकार लाल किले पर हुई घटना को किसानों के लिए दरवाजे बंद करने का रास्ता ना बनाए. सिंह ने मांग की है कि लाल किले पर हुई घटना के असली दोषियों की पहचान के लिए स्वतंत्र जांच कराई जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना हम सभी को शर्मिंदा करने वाली है. यह हमारे राष्ट्र का अपमान है. आजाद भारत के प्रतीक को नुकसान पहुंचाना और उसका इस तरह से निरादर करना देशभक्ति नहीं हैं. सीएम ने कहा कि कुछ गुंडो ने निशाना साहिब का इस्तेमाल कर के उसका भी अपमान किया.

अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में सिंह ने कहा कि लाल किले की घटना को बीजेपी या किसी और के द्वारा उन किसानों के दर्द को नकारने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. वे दो महीने से अधिक समय से दिल्ली की ठंड में बाहर रह रहे हैं. क्या भाजपा उनके आँसू नहीं देख सकती है?

पंजाब के सीएम ने कहा कि यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण होगा अगर केंद्र किसानों के साथ भविष्य की बातचीत के लिए दरवाजे बंद करने के बहाने के तौर पर लाल किले की घटना का उपयोग करता है. मैं आशा करता हूं और केंद्र सरकार से किसानों के साथ बातचीत जारी रखने का आग्रह करता. उन्होंने कहा कि वार्ता और बातचीत इस संकट को हल करने का एकमात्र तरीका है और समस्या का एकमात्र समाधान है.

सिंह ने यह भी कहा कि  मैं यहां यह भी दोहराना चाहूंगा कि  लाल किले पर हुई घटना का इस्तेमाल केंद्र या दिल्ली पुलिस किसान नेताओं को परेशान करने और निशाना बनाने के लिए ना करे. जो लोग हिंसा भड़काने के दोषी हैं उन्हें निश्चित रूप से सजा दी जाए लेकिन यह घटना किसानों के आंदोलन को नष्ट करने का रास्ता नहीं बनना चाहिए.

कांग्रेस नेता ने कहा कि किसानों को खालिस्तानी, अर्बन नक्सल बुलाने का यह पूरा कारोबार भाजपा द्वारा कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की लड़ाई को कमजोर करने और नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया था. अगर सड़कों पर बैठे लोग किसान नहीं हैं, आतंकवादी और अलगाववादी हैं तो क्या आपको लगता है कि इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए केंद्र सरकार ने उनके साथ 12 दौर की वार्ता करती? 

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