तमिल-तेलुगु फिल्मों की चर्चित हीरोइन साई पल्लवी का ताजा बयान सोशल मीडिया में तूफान पैदा कर रहा है. उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म विराट पर्वम के प्रमोशन के दौरान एक मीडिया इंटरव्यू में हिंसा और धर्म के मुद्दे पर बॉलीवुड की चर्चित फिल्म कश्मीर फाइल्स का जिक्र किया और कहा कि इस फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह से उस समय कश्मीरी पंडितों की हत्या की गई. लेकिन इसके आगे उन्होंने कहा कि अगर हिंसा को आप धर्म से जोड़ कर देखें तो कुछ दिनों पहले गायों से भरा एक ट्रक ले जा रहे मुस्लिम व्यक्ति को भी पीट कर उसे जय श्री राम के नारे लगाने को कहा गया.

इन दोनों घटनाओं में फर्क क्या है?

लेफ्ट विंग या राइट

विराट पर्व में सई ऐसी युवती की भूमिक निभा रही हैं, जो एक नक्सली के प्यार में पड़ जाती है. यह तेलुगु फिल्म 17 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. इसी के प्रमोशन के दौरान मीडिया इंटरव्यू में सई ने ये बातें कही.

चूंकि वह फिल्म में नक्सली युवक से प्यार कर रही हैं तो उनसे पूछा गया था कि क्या वह कभी वामपंथी विचारधारा से प्रभावित रही हैं तो उन्होंने कहा कि वह किसी के पक्ष में नहीं हैं. मगर इसके बाद उन्होंने कश्मीर फाइल्स के बहाने धर्म और हिंसा पर बात की और कहा कि समाज में जो भी वर्ग दबा-कुचला है, उसकी रक्षा होनी चाहिए. बिना किसी भेदभाव के. चाहे वह लेफ्ट-विंग का हो या राइट-विंग का.

प्रेम और पॉलिटिक्स

सई ने कहा कि हमें अच्छा इंसान बनने की जरूरत है. हम अच्छे इंसान हैं तो किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे. उन्होंने कहा कि न्याय राइट या लेफ्ट नहीं देखता. अगर आप मुझसे ताकतवर हैं और मुझे दबा रहे हैं तो आप गलत कर रहे हैं.

बड़ा वर्ग अगर समाज के छोटे वर्ग को दबा रहा है तो यह गलत है. मुकाबला दो बराबरी के लोगों में होना चाहिए. विराट पर्वम में सई के साथ राणा डग्गुबाती, प्रियमणि और नंदिता दास भी नजर आएंगे. यह प्रेम और पॉलिटिक्स की मिली-जुली कहानी है. राणा डग्गुबाती फिल्म के प्रोड्यूसर भी हैं.

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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