पीलीभीत: भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय सांसद वरुण गांधी ने कहा कि देश में डेढ़ करोड़ नौकरियां ( पद) खाली हैं, जो भरी नहीं जा रही हैं और नौजवान खाली पेट बेरोजगारी की मार झेलता घूम रहा है. उन्होंने कहा कि करोड़ों बेरोजगारों को नहीं पता कि आगे उनके साथ क्या होने वाला है। पीलीभीत में विधानसभा और विधान परिषद चुनाव के बाद पहली बार स्थानीय सांसद वरुण गांधी अपने संसदीय क्षेत्र पीलीभीत में दो दिवसीय दौरे पर आए और अपने अस्थाई आवास पर कार्यकर्ताओं के साथ सभा की।

सभा को संबोधित करते हुए वरुण गांधी ने अपनी ही सरकार को घेरा और किसान आंदोलन की चर्चा की। युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाते हुए गांधी ने कहा कि हमारी लड़ाई रोजगार और आर्थिक समानता की है, हमारा संविधान यह कहता है कि सबको समान आर्थिक अवसर मिलना चाहिए। सांसद ने कहा कि यह तब संभव है, जब हर हाथ को काम मिलेगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि किसी के भी बैंक खाते में पैसे नहीं आए, दो करोड़ नौकरियां मिलनी थीं पर नहीं मिलीं, किसान की जो आय दुगनी होनी थी वो भी नहीं हुई. सांसद ने कहा, “हम यह नहीं कह रहे हैं कि नई नौकरियां पैदा की जाएं, लेकिन जो पहले से घोषित हैं उन पर तो भर्ती होनी चाहिए। यह सरकार का दायित्व है और जिम्मेदारी भी.”

शनिवार को दिल्ली से दो दिवसीय दौरे पर पीलीभीत पहुंचे सांसद वरुण गांधी ने संवाद कार्यक्रम में कहा कि असली लड़ाई रोजगार और भ्रष्टाचार की लड़ाई है, यह समय चिंतन करने का है. उन्होंने कहा कि राष्ट्र का भविष्य भाषण से, चुनाव जीतने-हारने से नहीं बनता है, बल्कि सच्ची देश सेवा से बनता है।

वरुण गांधी ने कहा कि निजीकरण होगा तो नौकरियां सीमित होंगी तथा बेरोजगारी और बढ़ेगी. सांसद ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम कोई मुद्दा नहीं है, यह मुद्दा केवल इसलिए है कि असली मुद्दों पर ध्यान ना दिया जाए।

Share this article

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या  ट्विटर पर फॉलो करें.

Leave a comment