कई और विधायक छोड़ेंगे बीजेपी, यूपी की सत्ता में होगा बदलाव : शरद पवार

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मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में इन दिनों सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का काम चल रहा है। जनता इसका जवाब देगी।

पवार ने कहा कि उनकी पार्टी गोवा, मणिपुर के अलावा उत्तर प्रदेश में भी अन्य दलों के साथ गठबंधन करके विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

उत्तर प्रदेश में चल रहा है सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का काम 

राकांपा अध्यक्ष ने आज एक संवाददाता सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा है कि 80 फीसद हमारे साथ हैं, 20 फीसद नहीं। मैं उनसे पूछना चाहूंगा कि ये फीसद कौन लोग हैं ? पवार के अनुसार एक मुख्यमंत्री ऐसा नहीं कह सकता। सभी उनके होते हैं। 20 फीसद हमारे नहीं हैं, ऐसा कहना एक मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता। लेकिन उनकी विचारधारा ही ऐसी है, इसलिए उन्होंने ऐसा बयान दिया। अगर एकता को मजबूत करना है, तो सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होगा। किसी को छोड़ना सही नहीं है। उत्तर प्रदेश की जनता इसका जवाब देगी। पवार के अनुसार अयोध्या के मामले में अदालत का निर्णय आया। जिसे हम सबने स्वीकार किया है। लेकिन अब नए-नए मुद्दे उछाले जा रहे हैं। सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का काम चल रहा है। जनता इसका भी जवाब देगी।

गोवा में उनकी तृणमूल कांग्रेस एवं कांग्रेस के साथ चल रही है गठबंधन की बात 

पवार ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश, मणिपुर और गोवा में विभिन्न दलों से गठबंधन करके चुनाव लड़ेगी। उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी का गठबंधन समाजवादी पार्टी के साथ कुछ छोटे दलों से होगा। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के सदस्य रहे सिराज मेंहदी का आज राकांपा में स्वागत करते हुए शरद पवार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कुछ पार्टियों को संगठित कर एक विकल्प देने की कोशिश होगी।

मंगलवार को भाजपा के कुछ विधायकों के पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल होने पर प्रतिक्रिया देते हुए पवार ने कहा कि जल्दी ही सत्तारूढ़ दल के कई और विधायक पार्टी छोड़कर सपा में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि गोवा में उनकी तृणमूल कांग्रेस एवं कांग्रेस के साथ गठबंधन की बात चल रही है। जबकि मणिपुर में पिछले चुनाव में राकांपा के चार विधायक चुनकर आए थे। इस बार वह कांग्रेस के साथ पांच और सीटों पर चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सभी की 

पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक संबंधी एक सवाल पर पवार ने कहा कि एक प्रधानमंत्री एक संस्था है। केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी सभी की होती है। हम इस सुरक्षा के मुद्दे को गंभीर मानते हैं। पवार के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई है। इसलिए इस मुद्दे पर बयानबाजी मुझे ठीक नहीं लगती।

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