प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) आत्महत्या (Suicide) मामले में प्रयागराज से बड़ी खबर आ रही है. शनिवार को महंत नरेंद्र गिरि के ड्राइवर दुर्गेश ओझा का बड़ा खुलासा सामने आया है. मीडिया से बातचीत में महंत नरेंद्र गिरि के ड्राइवर दुर्गेश ओझा ने बताया कि घटना वाले दिन महंत मठ से कहीं बाहर नहीं गए थे. ड्राइवर के मुताबिक घटना वाले दिन वो ड्यूटी पर नहीं था. लेकिन महंत जी ने उसे 10 बजे सुबहबुलाया और कहा तबीयत ठीक नहीं है जाकर आराम करो. दुर्गेश ओझा ने दावा करते हुए कहा कि उनको देखने से बिल्कुल नहीं लग रहा था वो इतना बड़ा कदम उठा सकते हैं.

महंत नरेंद्र गिरि के ड्राइवर ने बताया कि शाम को 6 बजेजानकारी हुई कि महंत जी ने खुदकुशी कर ली. उसके बाद बहुत भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया. ड्राइवर ने बताया कि वो अपनी पर्सनल बात किसी से शेयर नहीं करते थे. आनंद गिरि से महंत नरेंद्र गिरि का विवाद किसी से छुपा नहीं है. सर्वेश कुमार द्विवेदी उनके मुशी हैं. महंत जी कुछ लिखने पढ़ने के लिए बुलाया करते थे.

फंदे से लटकते मिले महंत
सेवादार सर्वेश कुमार द्विवेदी, सुमित तिवारी व धनंजय के साथ कमरे के अंदर पहुंचे। सेवादार सर्वेश के मुताबिक, कमरे में महंत नरेंद्र गिरि का शव रस्सी के सहारे पंखे से फंदे पर लटकता हुआ मिला। रस्सी काटकर फंदे से महंत के शव को उतारा और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना के करीब 10-15 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को छानबीन में कमरे से 7 पन्नों का सुसाइड नोट मिला।

इससे पहले महंत नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में तीन लोगों आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को यूपी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. सीबीआई पता लगाएगी कि महंत की मौत हत्या है या आत्महत्या.

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