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Wednesday, February 1, 2023
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मध्प्रदेश: देवताओं को प्रसन्न करने के लिए लड़कियों को ‘नग्न’ कर घुमाया गया

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भोपाल, 7 सितंबर। 21वीं सदी में जहां देश मंगल ग्रह तक पहुंच गया है वहीं, भारत में आज भी कई जगह दकियानूसी प्रथा और परंपराओं के चलते इंसानियत को शर्मसार होना पड़ रहा है। हैरान कर देने वाला ताजा मामला मध्य प्रदेश के एक आदिवासी गांव से सामने आया है जहां, सूखे जैसी स्थिति से राहत पाने और बारिश के देवता को खुश करने के लिए नाबालिग लड़कियों को नग्न अवस्था में स्थानीय लोगों के घरों में भीख मांगने के लिए मजबूर किया गया।

एमपी में शर्मनाक प्रथा से मचा बवाल

अधिकारियों ने बताया कि यह घटना रविवार को दमोह जिले में एक रस्म के तहत हुई, जहां नाबालिग लड़कियों को बिना कपड़ों में पूरा गांव में घुमाया गया। इस घटना का एक कथित वीडियो सामने आने के बाद अब बवाल मच गया है, सोशल मीडिया पर सरकार और स्थानीय प्रशासन की काफी आलोचना हो रही है। वहीं, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने दमोह जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है।

नग्न अवस्था में बच्चियों को मंगवाई भीख

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वीडियो में लगभग पांच साल की कम से कम छह लड़कियां अपने कंधों पर एक लकड़ी के शाफ्ट के साथ एक मेंढक को बांधे हुए एक साथ चलती हुई दिखाई दे रही हैं। इन लड़कियों के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं है। बच्चियों के साथ महिलाओं का एक ग्रुप भी है जो भक्ति गीत गाते और जुलूस निकाल रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये लड़कियां गांव के हर घर में जाती हैं और आटा, दाल और मुख्य अनाज की भीख मांगती हैं।

बारिश के देवा को खुश करने की प्रथा

लड़कियों द्वारा इकट्ठा किए गए सामान को गाँव के मंदिर में भंडारा के लिए दान कर दिया जाता है। सभी निवासियों को अनुष्ठान के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होता है। एक दूसरे वीडियो में कुछ महिलाओं को कहते सुना जा सकता है कि बारिश के देवता को खुश करने की यह एक प्रथा है जिससे उस इलाके में वर्षा लाने में मदद मिलती है। सूखे की वजह से खेतों में धान की फसल बर्बाद हो रही है।

प्रशासन की नाक के नीचे हुआ ये सब

महिला ने कहा कि जुलूस के दौरान लड़किया ग्रामीणों से कच्चा अनाज इकट्ठा करेंगी और फिर सब एक स्थानीय मंदिर में ‘भंडारा’ (सामुदायिक दावत) के लिए खाना बनाएंगे। दमोह जिला मुख्यालय से लगभग 50 किमी दूर बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित यह गांव अब सुर्खियों में है। इस मामले में स्थानीय पुलिस का कहना है कि यह रस्म युवतियों के परिवारों की सहमति से की गई थी। दमोह के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डीआर तेनिवार ने कहा कि पुलिस को स्थानीय प्रथा और प्रचलित सामाजिक बुराइयों के तहत कुछ लड़कियों को भगवान को खुश करने के लिए नग्न परेड करने के बारे में पता चला है।

जागरुक अभियान शुरू करेगा प्रशासन

डीआर तेनिवार ने कहा, ‘पुलिस इस घटना की जांच कर रही है। अगर यह पाया गया कि लड़कियों को नग्न अवस्था में चलने के लिए मजबूर किया गया तो कार्रवाई की जाएगी।’ दमोह कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य ने कहा कि स्थानीय प्रशासन इस संबंध में एनसीपीसीआर को एक रिपोर्ट सौंपेगा। उन्होंने कहा कि इन लड़कियों के माता-पिता भी इस घटना में शामिल थे और ग्रामीणों को इस तरह की प्रथाओं की बुराई समझाने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा।

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Jamil Khan
Jamil Khan
Jamil Khan is a journalist,Sub editor at Reportlook.com, he's also one of the founder member Daily Digital newspaper reportlook
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