नई दिल्ली: राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा (Rekha Sharma) ने कहा कि देश में बेहद विविधता है, लेकिन देश का मीडिया सिर्फ नकारात्मक चीजें दिखाता है.

मीडिया हिंदुओं और मुसलमानों के बीच झगड़े को दिखाता है, लेकिन उनके एक साथ खुशीपूर्वक और एकता से रहने को नहीं दिखाता है.” रेखा शर्मा ने कहा कि भारत अपनी विविधताओं का लेकर एक सुंदर देश है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि किसी को खुद को दूसरों के लिए बदल देना चाहिए. उन्होंने कहा, ”आप अपने ही धर्म में रह सकते हैं और इसके अंदर शादी भी कर सकते हैं, लेकिन समाज में कहीं-कहीं असमानता व्याप्त है.

रेखा शर्मा ने ये बातें राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) और ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट द्वारा ‘नस्ली विविधता जागरूकता’ विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहीं. रेखा शर्मा ने कहा, ”पुलिस भी एक अहम भूमिका निभाती है. पुलिस को नस्ली विविधता के विषय में संवेदनशील बनाना बहुत जरूरी है. जांच अधिकारी (आईओ) को खासतौर पर संवेदनशील बनाने की जरूरत है और यह ज्यादातर देखा गया है कि उनके बर्ताव के चलते ही महिलाएं समस्या का सामना कर रही हैं. ”

इस कार्यक्रम में मौजूद रहे केंद्रीय मंत्री राजकुमार रंजन सिंह ने कहा कि भारत के किसी भी कोने के लोगों को देश में कहीं भी असहज या अवांछित महसूस नहीं करना चाहिए और उन्हें सहजता से घुलना-मिलना चाहिए. उन्होंने कहा, ”भारत के किसी भी कोने के किसी भी व्यक्ति को देश में कहीं भी असहज या अवांछित महसूस नहीं करना चाहिए. लोगों को इस भावना के साथ सहजता से घुलना-मिलना चाहिए कि वे सभी भारतीय हैं. प्रत्येक व्यक्ति को दूसरों द्वारा सम्मान, गरिमा और समझ के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए. ” सिंह ने कहा कि रूढ़ीवाद से बचने की जरूरत है. सिंह ने कहा कि पुलिस के साथ-साथ लोगों को भी भारत की विविधता के बारे में जागरूक करने की जरूरत है. मंत्री ने कहा, ”हर हितधारक को इस सांस्कृतिक अंतराल को पाटने के लिए पहल करनी चाहिए.”

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