नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को लेकर चल रहा किसानों का आंदोलन कब खत्म होगा ये 4 दिसंबर को संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग में तय हो पाएगा। इस बैठक में सभी किसान संगठन एक राय होकर कोई न कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिंगे। इसी बैठक में तय होगा कि किसान अपना टेंट उखाड़कर वापस जाएंगे या अपनी मांगों को मनवाने के लिए इस बार की ठंड भी खुले आसमान के नीचे बिताएंगे। मालूम हो कि एक साल से अधिक समय से पंजाब, हरियाणा, यूपी और राजस्थान के किसान अपनी मांगों को लेकर यहां धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीप प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अपने इंटरनेट मीडिया एकाउंट से ट्वीट करते हुए लिखा है कि 4 दिसंबर की skm की बैठक में सभी किसान संगठन एक राय होकर महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे। सरकार टेबल पर आयेगी तो हम किसानों की शाहदत से जुड़े पूरे तथ्य भी सामने रखेंगे।

4 दिसंबर की SKM की बैठक में सभी किसान संगठन एक राय होकर महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे। सरकार टेबल पर आयेगी तो हम किसानों की शाहदत से जुड़े पूरे तथ्य भी सामने रखेंगे।

इससे पहले किसान आइटी सेल के ट्विटर हैंडल से भी कई ट्वीट किए गए। आइटी सेल की ओर से गाजीपुर बार्डर पर एक मीडिया हाउस की महिला पत्रकार के साथ राकेश टिकैत का वीडियो भी ट्वीट किया गया, इसमें लिखा गया कि कुछ चैनल के लोग किसानों को बदनाम करते हैं, फिजिकल टच करते हैं और यह मोहतरमा फिर भी गलती किसानों की बता रही है। उसके बाद ट्वीट किया गया कि ध्यान से पढ़ लेना, इसमें दो मीडिया हाउसों के नाम लिखे गये, कहा गया कि इनके पत्रकार गाजीपुर बॉर्डर पर ना आए…। किसानों को बदनाम करने वाले चैनलों की जरूरत किसानों को नहीं है

इससे पहले इसी ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया कि पंजाब की 32 किसान जत्थेबंदियों का बड़ा ऐलान…या तो पूरे मुल्क के किसानों के घर MSP जाएगी या हमारी लाशें.. आंदोलन खत्म करने की बातों का किया खंडन…इसके बाद ट्वीट किया गया कि इसका भी ध्यान रखना, समय के साथ भूलना नहीं है सजा इसको भी दिलवा कर जाएंगे। लखीमपुरी खीरी कांड के आरोपित गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र उर्फ टेनी के लिए ये बात कही गई।

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