12 नवंबर: कासगंज (Kasganj) मामले में नया मोड़ सामने आया है, जिसमें पुलिस हिरासत में मारे गए 22 वर्षीय व्यक्ति के पिता ने अब पुलिस को क्लीन चिट देने से इनकार कर दिया है. पिता चांद मियां ने अपने बेटे की मौत के मामले में पुलिस को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए एक पत्र लिखा था

हिंदी में लिखे गए नोट में कहा गया कि अल्ताफ डिप्रेशन में था और उसने आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. चांद मियां ने गुरुवार शाम संवाददाताओं से कहा कि अधिकारियों ने उन्हें धमकी दी थी कि अगर उन्होंने पुलिस के खिलाफ बात की तो उनके बेटे का शव उन्हें नहीं सौंपा जाएगा. उन्होंने कहा, “मैंने वही किया जो मुझे पुलिस ने करने के लिए कहा था.”

उन्होंने कहा कि वह अनपढ़ था और पत्र पर अपना अंगूठा लगाने से पहले जो लिखा गया था उसे पढ़ नहीं सकता था. उन्होंने बोला, “जब मैंने बयान दिया और कागज पर क्या लिखा है यह जाने बिना अपने अंगूठे का निशान लगाया तो मैं अच्छी अवस्था में नहीं था. अस्थिर स्थिति में होने के कारण, मैंने वही किया जो पुलिस ने मुझसे करने के लिए कहा था.”

चांद मियां के अपना बयान वापस लेने पर कासगंज पुलिस ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. एएसपी कासगंज, ए.के. सिंह. ने कहा, “कृपया मृतक के पिता से पूछें कि वह एक बयान से दूसरे बयान में अपना रुख क्यों बदल रहे हैं. इस बारे में पुलिस क्या कह सकती है?”गौरतलब है कि 22 वर्षीय अल्ताफ को अपहरण के एक मामले में कासगंज थाने में पूछताछ के लिए बुलाया गया था और मंगलवार शाम उसकी मौत हो गई.

पुलिस ने दावा किया कि अल्ताफ पर एक नाबालिग हिंदू लड़की के साथ भागने का आरोप था. उसने पुलिस लॉक-अप के वॉशरूम में आत्महत्या कर ली थी.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ए.के. सिंह ने कहा, पूछताछ के दौरान आरोपी थाने के वाशरूम में गया, जहां उसने फांसी लगाकर जान दे दी. इस बीच, अल्ताफ के परिवार ने अब मामले की सीबीआई जांच की अपील की है.

मृतक की मां फातिमा ने कहा, “कोई आदमी 3 फीट ऊंचे नल से फांसी लगाकर आत्महत्या कैसे कर सकता है. हमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भरोसा नहीं है, जिसमें ‘फांसी’ को मौत का कारण बताया गया है.”पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे और दम घुटने से मौत हुई थी.

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