मुस्लिम व्यापारियों को मंदिरों में स्टाल लगाने की अनुमति नहीं देने के कई समूहों के प्रयासों के बीच, कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने बुधवार को पुलिस से रिपोर्ट मांगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर कड़ी नजर रखेगी।

ज्ञानेंद्र ने कहा, “मैंने मीडिया में यह (मुस्लिम व्यापारियों को मंदिरों में स्टाल लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है) देखा है। मैंने पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। राज्य सरकार कड़ी नजर रखे हुए है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कार्रवाई करेगी।”  

कर्नाटक में हिजाब विवाद के बाद, कई मंदिर अधिकारियों और मेलों की आयोजन समितियों ने मुस्लिम व्यापारियों के स्टॉल लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सालों से मुसलमान इस तरह के वार्षिक मेलों में मंदिरों में स्टॉल लगाते रहे हैं।

शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनने के विरोध की पृष्ठभूमि में, मंदिर के कुछ अधिकारियों और आयोजन समितियों ने उन्हें (मुस्लिमों को) उत्सव में भाग लेने से रोक दिया है, जो राज्य में इस तरह की पहली घटना है। कई संगठनों ने मुस्लिम व्यापारियों की भागीदारी पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि उनमें से कई ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दी थीं, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर राज्य के प्रतिबंध को बरकरार रखा गया था।

शिवमोग्गा में ऐतिहासिक ‘कोटे मरिकंबा जात्रा’ की आयोजन समिति ने यह भी कहा है कि 22 मार्च से शुरू होने वाले पांच दिवसीय उत्सव के दौरान केवल हिंदू ही स्टॉल लगा सकते हैं। एक स्थानीय व्यापारी ने कहा कि देवी मरिकंबा को मंदिर में स्थानांतरित करने के बाद बुधवार से केवल हिंदू दुकानदार ही स्टॉल खोलेंगे। 

जात्रा समिति ने पिछले शुक्रवार को एक बैठक की, जिसमें स्टालों को खोलने के तौर-तरीकों पर निर्णय लिया गया, जो मंदिर के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। एएनआई से बात करते हुए, बजरंग दल के एक स्थानीय नेता शोबिथ ने कहा कि हिजाब विवाद की पृष्ठभूमि में अप्रिय घटनाओं से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।

विहिप नेता दीन दयाल ने कहा, “अतीत में सभी धर्मों के लोगों को स्टॉल लगाने की अनुमति थी। इस साल हमने केवल हिंदू दुकानदारों को अनुमति देने का फैसला किया है।” जात्रा समिति के अध्यक्ष मरियप्पा के एस ने कहा कि मुसलमानों को स्टॉल नहीं लगाने देने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। 

मंगलुरु के पुलिस आयुक्त एन. शशि कुमार ने बप्पनडु श्री दुर्गा परमेश्वरी मंदिर के आसपास भड़काऊ पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शशि कुमार ने कहा, “हमने ‘बप्पनडु श्री दुर्गा परमेश्वरी मंदिर’ की घटना का संज्ञान लिया है। स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्राधिकरण ने भी इस मुद्दे पर ध्यान दिया है और हम उचित कार्रवाई करेंगे।”  

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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