23.1 C
Delhi
Saturday, December 3, 2022
No menu items!

करौली दंगा: मुस्लिम संगठन पीएफआई ने किया बड़ा खुलासा, अशोक गहलोत को पहले ही बता दिया था

- Advertisement -
- Advertisement -

राजस्थान (rajasthan) के करौली जिले (karauli) में शनिवार को हुई हिंसा मामले में हर दिन नया मोड़ आ रहा है. जहां एक तरफ राजस्थान पुलिस (rajasthan police)अभी हिंसा के मामले में आरोपियों की धरपकड़ कर रही है वहीं जिले में शांति बनाए रखने के लिए धारा 144 लगाई हुई है. इसी बीच पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (popular front of india) की राजस्थान इकाई ने करौली हिंसा(karauli violence) को लेकर बड़ा दावा किया है.

पीएफआई राजस्थान (PFI rajasthan) ने सोमवार को जयपुर में एक प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि उन्होंने सीएम अशोक गहलोत (cm ashok gehlot) और डीजीपी एमएल लाठर को पत्र लिखकर ऐसी घटना के बारे में आगाह कर दिया था लेकिन सरकार और प्रशासन की उदासीनता की वजह से करौली मे इस स्तर की हिंसा की घटना हुई.

- Advertisement -

पापलुर फ्रंट राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद आसिफ ने इस दौरान कहा कि सीएम अशोक गहलोत को पत्र लिखकर इस तरह की साजिशों के बारे में अवगत करवा दिया गया था इसके बावजूद रैली आयोजनकर्ता को मुस्लिम बहुल मोहल्लों में भड़काऊ नारे लगाने के अलावा रैली निकालने की स्वीकृति प्रदान की गई.

पीड़ितो को मुआवजा देने की मांग

मोहम्मद आसिफ ने आरोप लगाया कि आरएसएस और उसके सहयोगी संगठनों ने शनिवार को मुस्लिम बहुल इलाकों से रैली निकाल कर भड़काऊ नारे लगाए जिससे हिंसा भड़की और बड़े स्तर पर लोगों का आर्थिक नुकसान हुआ. पीएफआई की ओर से अपील की गई है कि हिंसा में शामिल असामाजिक तत्वों ने बड़ी संख्या में दुकानों और वाहनों को आग के हवाले करने से हुए नुकसान के बाद पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए.

उन्होंने गहलोत सरकार से मांग कर कहा कि उत्तेजित नारे लगाकर हिंसा भड़काने वालों व आयोजनकर्ता पर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए.

कोटा कार्यक्रम पर विवादों में आई थी पीएफआई

गौरतलब है कि बीते मार्च में कोटा में पीएएफआई के कार्यक्रम को लेकर विवाद गरमाया था जहां बीजेपी ने कोटा में पीएफआई की एक रैली को लेकर गहलोत सरकार को घेरा था. बीजेपी ने पीएफआई की रैली पर रोक लगाने की मांग की थी. वहीं कोटा जिले में पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के कार्यक्रम को जिला प्रशासन की ओर से अनुमति दी गई थी.

इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने गहलोत सरकार पर तुष्टीकरण का आरोप भी लगाया था और पीएएफआई जैसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. बीजेपी का कहना था कि पीएफआई जैसे संगठन देश में अशांति फैलाने का काम करते हैं.

- Advertisement -
Jamil Khan
Jamil Khanhttps://reportlook.com/
journalist | chief of editor and founder at reportlook media network
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here