अमेठी के जंग बहादुर यादव की सऊदी अरब में ‘हत्या’, साथ काम करने वाले पर ही लगा आरोप

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अमेठी. अमेठी के रहने वाले एक शख्स की विदेश में हत्या की बड़ी घटना सामने आई है. रोजी-रोटी की तलाश में सऊदी अरब गए अमेठी के एक शख्स की उसी के साथ रहने वाले पाकिस्तानी मूल के युवक ने निर्मम हत्या कर दी. इसकी जानकारी उसी के साथ रहने वाले एक युवक ने परिवारजनों को दी. केंद्रीय मंत्री और सांसद स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र के इस मामले के सामने आने के बाद से हड़कंप मच गया है. बुजुर्ग पिता ने स्मृति ईरानी को पत्र लिखकर अपने पुत्र का शव भारत लाने और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाकर पाकिस्तानी हत्यारोपी को सजा दिलाने की मांग की है.

मामला जगदीशपुर थाना क्षेत्र के वारिसगंज, टांडा गांव का है. यहां का रहने वाला 43 वर्षीय युवक जंग बहादुर यादव पुत्र राजनारायण नौकरी के सिलसिले में 2017 में सऊदी अरब गया था. सऊदी अरब में जंगबहादुर 7344 उदे आईबीएन उमर 2504 एएन नखील रियाद 12385 (नार्थ रिंग रोड एक्जिट टू) निवासी अलदक्तूर अब्दुल अजीज अलवशर के यहां बतौर चालक नौकरी करता था. जंगबहादुर का छोटा भाई विनोद यादव कुवैत में रहकर नौकरी करता है. तीन दिन पहले छह जुलाई की रात जंगबहादुर के साथ रहने वाले भारतीय युवक अरविंद ने विनोद को फोन कर जंगबहादुर की हत्या होने की जानकारी दी.

जंगबहादुर के साथी ने की हत्या
अरविंद ने विनोद को बताया कि जंगबहादुर की हत्या उसी के साथ चालक के रूप में नौकरी करने वाले पाकिस्तानी युवक ने की है. भाई के हत्या की जानकारी विनोद ने तत्काल अपने परिजनों को दी. जंगबहादुर की हत्या की जानकारी मिलने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया. गुरुवार को परिवारजन मामले को लेकर इधर-उधर भटकते रहे. शुक्रवार को जंगबहादुर के पिता राजनारायण ने स्मृति ईरानी को पत्र भेजा. उन्होंने पूरे मामले की जानकारी देते हुए अपने बेटे का शव वापस दिलाने व दोषी पाकिस्तानी हत्यारे युवक को कड़ी सजा दिलाने की मांग की.

जन्माष्टमी पर आने का था प्लान
19 अक्टूबर 2017 को नौकरी के सिलसिले में सऊदी अरब जाने वाला जंगबहादुर वर्ष 2020 में घर आना चाहता था. इसी बीच कोरोना के कारण उसने आने का प्लान कैंसल कर दिया. छह जुलाई को सुबह पिता राज नारायण व दोपहर बाद पुत्र सौरभ से बात कर जंगबहादुर ने जन्माष्टमी के दौरान घर आने की बात कही थी. जंग बहादुर के परिवार में बुजुर्ग पिता राज नारायण व मां रामावती के अलावा पत्नी मंजू देवी, स्नातक की पढ़ाई कर रहा 19 वर्षीय पुत्र सौरभ, इंटर में पढ़ने वाली 17 वर्षीय पुत्री अंजलि व कक्षा सात में पढ़ने वाला 12 वर्षीय पुत्र गौरव है. जंगबहादुर के मौत की सूचना मिलने के बाद से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है.

मामले की जानकारी मिलते ही मुसाफिरखाना एसडीएम सविता यादव, सीओ अर्पित कपूर और एसएचओ अरुण कुमार द्विवेदी पीड़ित के घर पहुंचे. परिवारजनों को ढांढ़स बंधाते हुए घटना से जुड़ी जानकारी ली.

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