हाथरस मामले में उत्तरप्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गए पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को सुप्रीम कोर्ट ने पांच दिन के लिए बेल की मंजूरी दे दी है। सिद्दीकी कप्पन को अपनी बीमार माँ से केरल मिलने जाने के लिए बेल दिया गया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कप्पन को बेल देते हुए कहा कि इस दौरान आप किसी को इंटरव्यू नहीं देंगे।

आपको बता दूँ कि कप्पन को हाथरस जाते समय गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने यह आरोप लगाया था कि कप्पन का संबंध पीएफआई से है और वह उत्तरप्रदेश में सामाजिक विद्वेष फ़ैलाने के लिए जा रहे थे।

दिल्ली में रहने वाले सिद्दीकी कप्पन मलयालम पोर्टल अजीमुखम के लिए काम करते थे। कप्पन केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के सचिव भी थे।  कप्पन सहित तीन अन्य लोगों को उत्तरप्रदेश पुलिस ने हाथरस जाते समय गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कप्पन पर  गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया था और राजद्रोह के आरोप भी लगाए थे। 

सुप्रीम कोर्ट के अनुसार कप्पन पांच दिन के बाद जेल अधिकारियों के सामने उपस्थित होंगें। साथ ही वह जमानत अवधि के दौरान किसी से मुलाकात नहीं करेंगे। इसके अलावा सोशल मीडिया या मीडिया के सामने कोई बयानबाज़ी नहीं करेंगे। इसके अलावा उन्हें 24 घंटे पुलिस के साए में रहना होगा। हालांकि इस दौरान कप्पन को अपने परिवार के लोगों और डॉक्टर से मिलने की छूट रहेगी। 

आपको बता दूँ कि बीते 22 जनवरी को कप्पन के वकील कपिल सिब्बल ने अदालत से अनुरोध किया था कि उनकी माँ के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए बात करने की अनुमति दी जाए। जिसके बाद अदालत के आदेशानुसार 28 जनवरी को मथुरा जेल के अधिकारियों ने  कप्पन को 10 मिनट की कॉल करने की अनुमति दी थी। लेकिन माँ का स्वास्थ्य ख़राब होने की वजह से बातचीत नहीं हो सकी थी। जिसके बाद कप्पन के वकील ने अदालत के सामने अंतरिम जमानत की अर्जी दी थी। 

बीते 14 सितंबर 2020 को उत्तरप्रदेश के हाथरस में एक दलित युवती से सामूहिक बलात्कार की घटना सामने आई थी। इस घटना में पीड़िता बुरी तरह से जख्मी हो गयी थी जिसके बाद इलाज के दौरान दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया था।

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