हरिद्वार की धर्मसंसद में इस्लाम त्याग कर हिंदू बने जितेंद्र नारायण त्यागी (पूर्व वसीम रिज़वी) द्वारा दिए गए भाषण को लेकर उठे विवाद के बाद उत्तराखंड के DGP अशोक कुमार ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जितेंद्र नारायण पर UAPA (Unlawful Activities (Prevention) Act, 1967) का मामला नहीं बनता है। वसीम रिज़वी पर 153 A के तहत केस दर्ज है।

‘द हिन्दू’ की रिपोर्ट के मुताबिक, DGP अशोक कुमार ने बताया, “जितेंद्र नारायण के बयान से किसी की हत्या या हिंसा नहीं हुई। इसलिए इस मामले में UAPA एक्ट नहीं लागू होता है। इसी के साथ विवादित वीडियो फेसबुक से हटा दिया गया है। हम नियमानुसार कार्रवाई कर रहे हैं। हमने 153A के 1 और 2 दोनों सेक्शन लगाए हैं। इसी के साथ इस मामले में पुलिस की जाँच भी जारी है।”

आयोजन के दौरान बच्चों के हाथों में तलवार और त्रिशूल दिखने के सवाल भी DGP ने कहा, “ये उनकी परम्परा है। वहाँ कोई हथियारों की खरीद-बिक्री नहीं हो रही था और ना ही फैक्ट्री मिली है। ये सब कुछ जाँच का विषय है।”

वहीं, यति नरसिंहानंद के बयान को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें और अन्य लोगों को जरूरत पड़ी तो जाँच के लिए बुलाया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा, “फिलहाल इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। पुलिस ने जितेंद्र नारायण (वसीम रिज़वी) पर एक अन्य केस भी दर्ज कर रखा है, जिसमें उन पर अपनी किताब के माध्यम से एक वर्ग विशेष की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है।”

गौरतलब है कि हरिद्वार के भोपतवाला क्षेत्र में 17 से 19 दिसम्बर के बीच धर्मसंसद आयोजित हुई थी। इस धर्मसंसद के आयोजक जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानन्द सरस्वती थे। इस आयोजन में मुस्लिमों के खिलाफ बयानबाजी का आरोप लगा था। इसी के चलते हरिद्वार के स्थानीय निवासी गुलबहार खान की शिकायत पर जितेंद्र नारायण (वसीम रिज़वी) व अन्य के खिलाफ हरिद्वार पुलिस ने केस भी दर्ज किया है। बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

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