अलीगढ़: आए दिन अपने गलत बयानबाजी से नफ़रत उगलने वाले गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है.

नरसिंहानंद ने सोमवार को कहा कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के बयान ‘सभी भारतीयों का डीएनए एक है’ से सहमत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि ‘हो सकता है कि भागवत में औरंगजेब का डीएनए हो लेकिन सभी भारतीयों का डीएनए एक जैसा होने की बात नहीं है.’  इससे पहले भी वह कई विवादित बयान देकर सुर्खियों में रह चुका हैं

पहले भी विवादित बयान दे चुका हैं महंत
महंत नरसिंहानंद कुछ समय पहले तब विवादों में आया था जब उसने पानी पीने के लिए मंदिर परिसर में दाखिल होने वाले एक मुस्लिम लड़के को पीटे जाने की घटना को उसने सही बताया था. नरसिंहानंद सोमवार को अलीगढ़ में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचा था. उसने कहा, ‘भागवत सभी के ठेकेदार नहीं हैं. वह अपना और आरएसएस के डीएनए के बारे में बात रखने के लिए आजाद हैं लेकिन उन्हें इस बात की आजादी नहीं है कि वह सभी के डीएनए के बारे में बात करें.

वहीं उसने गोवर्धन में बयान दिया था कि मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ मंदिर, सोमनाथ मंदिर और अयोध्या के राम मंदिर को जिहादियों ने तोड़ा था. उसने हिदुओं को संगठित होने की बात कही. महंत ने कहा कि हिंदू संगठित नहीं होगा तो 2029 तक देश का प्रधानमंत्री कोई जेहादी बन जाएगा.

भागवत ने दिया था ये बयान 
4 जुलाई को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा था कि ‘भारत में इस्लाम खतरे में है, इस भय की आशंका में मुस्लिम युवकों को नहीं फंसना चाहिए. हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करना गुमराह करने वाली बात है. हिंदू और मुस्लिम अलग-अलग नहीं है बल्कि एक हैं. सभी भारतीय, चाहे वे किसी भी धर्म के हों, सभी का डीएनए एक है.’ भागवत के इस बयान को लेकर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी निशाना साधा था.

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