वॉशिंगटन. इराक और सीरिया में ईरान समर्थक गुटों पर अमेरिकी वायुसेना (US Army Airstrike) के बमबारी के बाद अब सीरिया में सक्रिय मिल‍िश‍िया (Militia Group) ने बदला लिया है. मिलिशिया ग्रुप ने सीरिया में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर रॉकेट (Rocket Attack) बरसाए हैं. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद अमेरिकी सेना भी हरकत में आ गई. उसने जवाबी कार्रवाई में सीरियाई गुटों के खिलाफ तोपों से जोरदार गोलाबारी की.

इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी सैन्य मिशन के प्रवक्ता कर्नल वायने मारोट्टो ने ट्विटर पर सोमवार को लिखा कि सुबह सात बजकर 44 मिनट (स्थानीय समयानुसार) पर सीरिया में अमेरिकी बलों पर रॉकेट से कई हमले हुए हैं. उन्होंने बताया कि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ. फिलहाल हमलों से हुए नुकसान का पता लगाया जा रहा है.

मिलिशिया ने बदले की कही थी बात
इराक की सेना (Iraq Military) ने अमेरिकी हवाई हमलों की निंदा की था. वहीं, मिलिशिया समूहों ने अमेरिका से बदले लेने की बात कही. पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने कहा कि मिलिशिया समूह इन अड्डों का प्रयोग इराक में अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ ड्रोन हमले के लिए कर रहे थे.

इन जगहों पर अमेरिका ने की थी एयरस्ट्राइक
पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने एयरस्ट्राइक के बारे में जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि रविवार को अमेरिकी सेना ने तीन ऑपरेशन और हथियार भंडारण सुविधा को निशाना बनाया. इसमें से दो सीरिया में और एक इराक में थे. वायु सेना के F-15 और F-16 लड़ाकू विमानों द्वारा किए गए हमलों के वीडियो जारी कर पेंटागन ने एक टार्गेट को उन्नत पारंपरिक हथियारों के शिपमेंट और ट्रांसफर के लिए एक समन्वय केंद्र के रूप में बताया.

किर्बी ने इराक पर हमलों को ‘रक्षात्मक’ करार देते हुए कहा था कि ये हमले ‘इराक में अमेरिकी हितों को निशाना बनाकर किए जा रहे ईरान समर्थित समूहों के हमलों’ के जवाब में किए गए.

बाइडन के प्रशासन में दूसरी सैन्य कार्रवाई
इस साल की शुरुआत में अमेरिका की सत्ता संभालने वाले राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) के प्रशासन ने इस क्षेत्र में दूसरी बार सैन्य कार्रवाई की. रविवार देर रात हुई अमेरिकी सेना की एयरस्ट्राइक का आदेश बाइडन ने खुद दिया था. इससे पहले उन्होंने फरवरी में भी ऐसा ही एक आदेश दिया था.

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