भारतीय नोटों को लेकर जल्द ही एक बड़ा बदलाव लाने की तैयारी कर रहा आरबीआई और वित्त मंत्रालय। एपीजे अब्दुल कलाम और रवींद्रनाथ टैगोर की फोटो अब भारतीय नोटों पर जल्द दिख सकती है।

अगर ऐसा होता है तो भारत में पहली बार महात्मा गांधी के अलावा किसी और हस्ती की तस्वीर नोट पर दिखेगी। 

नई दिल्ली: भारतीय नोटों को लेकर जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। दरअसल, नोटों पर भारत के 11वें राष्ट्रपति और मिसाइल मैन डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम और रवींद्रनाथ टैगोर की फोटो लाने की तैयारी चल रही है। अभी तक भारतीय नोटों पर केवल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की फोटो ही छपती आई है।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार अब वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) कुछ बैंक नोटों की एक नई श्रृंखला लाने पर विचार कर रहे हैं जिसपर टैगोर और कलाम की वॉटरमार्क फोटो होगी।

भारत में नोटों को लेकर बड़ा बदलाव

यह पहली बार है जब आरबीआई बैंक नोटों पर महात्मा गांधी के अलावा अन्य प्रसिद्ध हस्तियों की तस्वीरों का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार आरबीआई और वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसपीएमसीआईएल) की ओर से गांधी, टैगोर और कलाम के वॉटरमार्क तस्वीरों के नमूनों के दो अलग-अलग सेट IIT-दिल्ली एमेरिटस प्रोफेसर दिलीप टी शाहनी को भेजे गए है। प्रोफेसर शाहनी को दो सेटों में से चुनने और उसे सरकार द्वारा अंतिम विचार के लिए पेश करने के लिए कहा गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार एक या तीनों तस्वीरों को चुनने पर अंतिम निर्णय ‘उच्चतम स्तर’ पर होने वाली बैठक में लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, तीन वॉटरमार्क नमूनों की डिजाइनिंग को आधिकारिक मंजूरी मिली थी। अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है लेकिन नोटों पर अलग-अलग हस्तियों की वॉटरमार्क तस्वीरें शामिल करने की संभावनाओं का पता लगाने के संबंध में ये कदम उठाए गए हैं।

अमेरिकी डॉलर में भी अलग-अलग लोगों की होती हैं तस्वीरें

दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां नोटों पर अलग-अलग तरह की तस्वीरों का इस्तेमाल होता है। उदाहरण के लिए अमेरिकी डॉलर के विभिन्न मूल्यों वाले नोट में जॉर्ज वाशिंगटन, बेंजामिन फ्रैंकलिन, थॉमस जेफरसन, एंड्रयू जैक्सन, अलेक्जेंडर हैमिल्टन और अब्राहम लिंकन सहित कुछ 19वीं सदी के राष्ट्रपतियों की फोटो हैं। यहां बता दें कि प्रोफेसर शाहनी जो वॉटरमार्क की जांच कर रहे हैं, वे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंस्ट्रुमेंटेशन में माहिर हैं। उन्हें इस साल जनवरी में मोदी सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

शीर्ष सरकारी सूत्रों के मुताबिक 2017 में आरबीआई की 9 आंतरिक समितियों में से एक ने 2020 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इसमें प्रस्तावित किया गया कि गांधी के अलावा टैगोर और कलाम की वॉटरमार्क तस्वीरें भी होनी चाहिए। इन समितियों को बैंक नोटों की एक नई श्रृंखला के लिए नई सुरक्षा फीचर्स की सिफारिश के लिए बनाया गया था। 

साल 2021 में RBI ने अपने मैसूर स्थित भारतीय रिज़र्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड और होशंगाबाद में SPMCIL की सिक्योरिटी पेपर मिल को वॉटरमार्क नमूनों के अपने सेट तैयार करने के निर्देश जारी किए थे। इसके बाद आरबीआई और एसपीएमसीआईएल ने सेट के नमूने जांच के लिए शाहनी को भेजे।

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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