नई दिल्ली. अफगानिस्तान (Afghanistan) के कई हिस्सों में हिंसा में बढ़ोतरी की आशंका के मद्देनजर भारतीय दूतावास (Indian Embassy) ने एक परामर्श जारी कर अपने नागरिकों को गैर जरूरी यात्राओं से बचने को कहा है. दूतावास ने कहा कि अफगानिस्तान में कई प्रांतों में सुरक्षा व्यवस्था ‘खतरनाक’ है और आतंकवादी गुटों ने हिंसक गतिविधियां बढ़ा दी हैं और असैन्य लोगों पर हमले की घटनाएं हो रही हैं. दूतावास की ओर से कहा गया कि भारतीय नागरिक भी अपवाद नहीं हैं और उन पर अगवा किये जाने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है.

दूतावास ने कहा कि मुख्य शहरों के बाहर यात्रा से बचना चाहिए और किसी भी आवश्यक काम से बाहर जाएं तो इसे जितना संभव हो उतना गोपनीय रखें. अमेरिका ने 11 सितंबरतक अपनी सेनाएं हटाने का ऐलान किया है जिसके कारण अफगानिस्तान में पिछले कुछ सप्ताह में कई हमले हुए हैं.

13 सूत्रीय एडवायरी में अपने नागरिकों को दी गई ताकीद
13 सूत्रीय एडवायजरी में कहा गया है-हाल के हफ्तों में देश के कई प्रांतों और जिलों में निशाना बनाकर हमले हुए हैं. ये हमले सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर किए गए हैं. इसकी वजह से आम नागरिकों को भी क्षति पहुंची है. इसके अलावा सड़क किनारे बम लगाकर किए गए धमाकों के जरिए आम नागरिकों को निशाना बनाने की खबरें भी आई हैं.

तालिबान के साथ विदेश मंत्री की मुलाकात की खबरें झूठी
इससे पहले खबर आई है कि तालिबान के कुछ नेताओं के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर की मुलाकात का दावा करने वाली खबर ‘पूरी तरह से झूठी, आधारहीन और शरारतपूर्ण’ है. सूत्रों ने मंगलवार को यह बात कही है. सूत्रों की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें सामने आई हैं जिनमें दावा किया गया है कि जयशंकर ने तालिबान के कुछ नेताओं के साथ मुलाकात की जिन्होंने विदेश मंत्री को आश्वस्त किया कि उनके संगठन का भविष्य में भारत के साथ संबंध पाकिस्तान के विचारों एवं इच्छा पर निर्भर नहीं होगा.

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