पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को कई मुद्दों पर घेरा. उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को स्वार्थ का गठबंधन बताते हुए कहा कि सत्ता में रहने के लिए सभी एकजुट हैं. उन्होंने भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर के मुसलमानों से मतदान का अधिकार वापस लेने के बयान की चर्चा करते हुए कहा कि किसी में इतना दम नहीं कि उनका वोटिंग अधिकार छीन सके.

‘विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करते नीतीश’
बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभषण पर चर्चा में भाग लेते हुए तेजस्वी ने विधानसभा में कहा कि जदयू के अध्यक्ष ललन सिंह खुद कहते हैं कि भाजपा के साथ उनका गठबंधन परिस्थितिवश है.उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करते हैं और उपमुख्यमंत्री रेणु देवी इसे जरूरी नहीं मानती.तेजस्वी ने कहा कि यह गठबंधन अद्भुत है, जो कल्पना से परे है.

बयान पर सदन में जमकर हंगामा
भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर के बयान पर सदन में बुधवार को भी जमकर हंगामा हुआ. नेता प्रतिपक्ष यादव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि किसी में दम नहीं, जो हमारे मुसलमान भाईयों से उनका (वोटिंग) अधिकार छीन सके. कुछ दिन पूर्व भाजपा विधायक ने मुसलमानों से वोटिंग अधिकार वापस लेने की बात कही थी. यादव ने सदन में कहा कि ताज्जुब होता है कि धर्मनिरपेक्षता का चोला पहने हुए हैं और सेकुलरिज्म की बात करते हैं. उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आप हमसे कहे थे ना कि आरएसएस वाला खतरनाक है. आज आपके रहते हुए खुलेआम ये लोग कर रहा है, आप कुछ कर नहीं पा रहे है.’

‘बिहार के मुख्य सचिव नहीं कर सकेंगे मतदान’ 
इस दौरान हालांकि विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने आरएसएस पर तेजस्वी यादव की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए सदन की प्रोसिडिंग से बाहर करने का निर्देश दिया. सदन में बैठे उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन की तरफ इशारा करते हुए तेजस्वी ने कहा कि ‘शाहनवाज भाई, आपका भी वोटिंग अधिकार छीन लिया जाएगा. बिहार के मुख्य सचिव भी मतदान नहीं कर सकेंगे.’

‘संविधान नागरिकता छीनने का अधिकार नहीं देता’ 
इसके बाद उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन बोलने के लिए उठ खड़े हुए. उन्होंने कहा कि ‘जब इस देश को आजादी मिली और जिन लोगों ने ये तय किया कि ये जननी मातृभूमि है. जितना आपका देश है, उतना हम सब का देश है. इसमें कोई दखल नहीं कर सकता है. इस पर चर्चा ही नहीं होनी चाहिए. भारत का संविधान नागरिकता छीनने का अधिकार ही नहीं देता है, चाहे कितना ही बहुमत आ जाए.

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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