गाजियाबाद जिले में एक उम्रदराज़ मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई को सांप्रदायिक रंग देने के मामले में योगी सरकार ने ट्विटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इस मामले में 8 अन्य के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है। ट्विटर पर आरोप है कि इस तरह के वीडियो पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

क्या है मामला

दरअसल कल से सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक व्यक्ति दावा कर रहा है कि उसकी पिटाई करने वालों ने उससे ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने को कहा था। पुलिस ने इस मामले में सांप्रदायिक पहलू होने से इंकार किया है। उनका कहना है कि सूफी अब्दुल समद की पिटाई करने वालों में हिन्दू-मुसलमान मिलाकर कुछ छह लोग शामिल थे और सभी उनके द्वारा बेचे गए ताबीज को लेकर नाखुश थे।

तीन हुए गिरफ्तार

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक ने कहा कि गिरफ्तार युवकों की पहचान कल्लू और आदिल के रूप में हुई है। इनके अलावा पॉली, आरिफ, मुशाहिद और प्रवेश गुर्जर को भी इस सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। गाजियाबाद पुलिस ने इससे पहले गुर्जर को गिरफ्तार किया था, सूफी के पिटाई की घटना उसके आवास पर हुई थी। पांच जून को हुई घटना के दो दिन बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 342, 323, 504 और 506 में मामला दर्ज किया गया।

तंत्र-मंत्र करता था सूफी

सूफी ने अपनी शिकायत में यह नहीं कहा था कि उनकी दाढ़ी काटी गई और उनसे जबरन ‘जय श्री राम’ बुलवाया गया। पुलिस अधीक्षक देहात इराज राजा ने बताया कि पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापे मार रही है और उन्हें जल्दी ही पकड़ लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि तंत्र-मंत्र साधना करने वाले सूफी ने गुर्जर को उसके परिवार के कुछ सदस्यों को बुरी नजर से बचाने के लिए कुछ ताबीज दिए थे, लेकिन उससे कुछ फर्क नहीं पड़ने के कारण दोनों के बीच कहासुनी हो गयी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित वीडियो में गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में चार लोग सूफी की पिटाई करते, उनकी दाढ़ी काटते और उनसे ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने को कहते हुए दिख रहे हैं।

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