सहारनपुर. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद समाजवादी पार्टी में मुस्लिम नेताओं के बगावती सुर तेजी से मुखर हो रहे हैं. इसी क्रम में सहारनपुर के वरिष्ठ सपा नेता सिकंदर अली ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. न्यूज़18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में सिकंदर अली ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर मुस्लिम समाज की अनदेखी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मुस्लिम नेताओं के खिलाफ हो रही कार्रवाई पर अखिलेश यादव की चुप्पी से उन्हें घुटन महसूस हो रही थी.

सपा के पूर्व जिला महासचिव समेत अन्य विभिन्न पदों पर आसीन रहे हैं सपा नेता सिकंदर अली ने कहा कि आजम खान की गिरफ्तारी समेत कई मामलों में अखिलेश यादव चुप्पी साधे हुए हैं. उन्होंने कहा कि यह वह सपा नहीं है जो मुलायम सिंह यादव के समय थी. अखिलेश यादव के नई हवा है नई सपा के नारे पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव मुसलमानों का वोट लेकर ही 111 सीटों पर जीते हैं. लेकिन जिस तरह से आजम खान और नाहिद हसन के मसले पर उन्होंने कुछ नहीं किया इससे साफ है कि जब एक विधायक के लिए खड़े नहीं हो सकते तो आम कार्यकर्ता का क्या साथ देंगे.

अखिलेश यादव चापलूसों और चाटुकारों से घिरे हुए हैं
बता दें कि सिकंदर अली ने 2022 में विधानसभा चुनाव में सपा से टिकट की मांग भी की थी. सिकंदर अली का आरोप है कि मुस्लिम समाज के उत्पीड़न के मामलों पर सपा प्रमुख कोई भी प्रतिक्रिया नहीं देते, जबकि मुसलमानों ने उन्हें हमेश वोट दिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चापलूसों और चाटुकारों से घिरे हुए हैं. अखिलेश यादव ने सिर्फ मुस्लिमों को वोट बैंक समझा. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि बीजेपी और मुसलमानों की दुश्मनी कराने का काम भी अखिलेश यादव ने ही किया है. इसी वजह से मैंने पार्टी छोड़ी है. जो नेता अपने विधायकों और सांसदों की लड़ाई नहीं लड़ सकता वह आम कार्यकर्ताओं की क्या सुनेगा. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बसपा की तरह ही मुसलमान समाजवादी पार्टी को समाप्तवादी पार्टी बनाने का काम करेगा.

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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