कोहिमा. नगालैंड (Nagaland) के मोन जिले में ओटिंग गांव के ग्रामीणों (Oting villagers ) पर सेना (Indian Army) के 21 पैरा स्पेशल फोर्स (21 Para Special forces) ने ‘खुली गोलियां चलाई’ जिसमें 14 नागरिक मारे गए. राज्य पुलिस ने सेना इकाई के खिलाफ स्वतः संज्ञान कर दर्ज की गई एफआईआर में आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों का ‘इरादा’ ‘नागरिकों को ‘मारना और घायल करना’ था. पुलिस शुरू से दावा करती रही कि शनिवार और रविवार को हुई गोलीबारी की अलग-अलग घटनाओं में 14 असैन्य नागरिक मारे गए. गोलीबारी की पहली घटना जिसमें छह लोग मारे गए थे, तब हुई जब सेना के जवानों ने शनिवार शाम कोएक पिकअप वैन में घर लौट रहे कोयला खदान कर्मियों को प्रतिबंधित संगठन एनएससीएन (के) के युंग आंग गुट से संबंधित उग्रवादी समझ लिया.

FIR में कहा गया है- ‘दोपहर लगभग 3.30 बजेओटिंग गाँव के कोयला खदान मजदूर एक वाहन बोलेरो पिकअप से तिरु से अपने गांव लौट रहे थे. अपर तिरु और ओटिंग गांव के बीच लोंगखाओ पहुंचने पर, सुरक्षा बलों ने बिना किसी उकसावे के वाहन पर अंधाधुंध गोलियां चला दी., जिसके परिणामस्वरूप कई ग्रामीणों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.’

सुरक्षाबलों ने नहीं मांगा पुलिस गाइड- FIR
एफआईआर में कहा गया है ‘यह ध्यान देने योग्य है कि घटना के समय कोई पुलिस गाइड नहीं था और न ही सुरक्षा बलों ने अपने ऑपरेशन के लिए पुलिस गाइड के लिए पुलिस स्टेशन से अनुरोध किया था. ऐसे में यह स्पष्ट है कि सुरक्षा बलों की मंशा नागरिकों की हत्या करना और उन्हें घायल करना था.’

उधर, सेना ने रविवार को इस मामले की ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी’ का आदेश दिया और इस घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया. सैन्य अधिकारियों ने बताया कि म्यांमा की सीमा से लगने वाले मोन जिले में उग्रवादियों की संभावित गतिविधियों की विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाया गया था. सेना ने कहा कि कई सुरक्षाकर्मी अभियान में गंभीर रूप से घायल हुए हैं और एक जवान की मौत हो गई है.

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