ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (AIMIM)के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कहा कि भारत में पहले शादियों में मुसलमानों से बैंड-बाजा बजवाया जाता था लेकिन उन्हें शादी में अंदर नहीं जाने दिया जाता था. राजनीति में भी मुसलमानों की स्थिति ऐसी ही है. रविवार को असदुद्दीन ओवैसी कानपुर पहुंचे. यहां उन्होंने एक रैली को संबोधित किया.

रविवार को कानुपर में एक रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि, बारात में मुस्लिमों की स्थिति ‘बैंड बाजा पार्टी’ जैसी हो गई है, जहां उन्हें (मुसलमानों को) पहले संगीत बजाने के लिए कहा जाता है, लेकिन विवाह स्थल पर पहुंचने पर उन्हें बाहर खड़ा कर दिया जाता है. कानपुर में जनसभा को संबोधित करने के दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि, उत्तर प्रदेश में 19% मुसलमान हैं. उत्तर प्रदेश की जेल में 27% कैदी मुसलमान हैं. यह भारत सरकार का डाटा है.

हर जाति का एक नेता है लेकिन मुसलमानों का कोई नेता नहीं

ओवैसी ने कहा कि सियासत में सिर्फ ताकत की आवाज सुनी जाती है. जिसके पास सांसद या विधायक जैसे नुमाइंदे हैं, सिर्फ उन्हें सुना जाता है. बाकी को छोड़ दिया जाता है. एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘अब मुसलमान बैंड-बाजा नहीं बजाएंगे. यहां तक कि हर जाति का एक नेता है, लेकिन मुसलमानों का कोई नेता नहीं है.यूपी में मुस्लिम आबादी 19 फीसदी है, लेकिन उनका एक भी नेता नहीं है. मेरी तमन्ना है कि मरने से पहले यूपी में 100 मुसलमान नेता हो.’

Share this article

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या  ट्विटर पर फॉलो करें.

The world is about to receive just the news it needs. My team and I believe that journalism can change the world and we are on a mission to ensure that this happens.

Leave a comment