अगर आप भी वाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, मैसेंजर आदि का उपयोग करते हैं, तो जरा सावधान हो जाएं। एक लापरवाही आपको मुश्किल में डाल सकती है। साइबर ठग इन तमाम इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर सक्रिय हैं और आमजन को वीडियो काल कर उनसे अश्लील बातें कर रहे हैं। इस वीडियो को रिकार्ड कर वह बाद में संबंधित व्यक्ति को ब्लैकमेल कर लाखों रुपये हड़प रहे हैं। इसी तरह का एक मामला शहर कोतवाली में सामने आया है। साइबर ठगों ने ब्लैकमेल कर दून निवासी एक युवक से एक लाख 96 हजार रुपये की ठगी कर ली। इस मामले में शहर कोतवाली ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

हर्ष अरोड़ा निवासी त्यागी रोड ने शहर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि चार दिसंबर को अपरिचित नंबर से उनके वाट्सएप नंबर पर वीडियो काल आई। काल रिसीव करने पर देखा कि एक युवती निर्वस्त्र बैठी है। युवती ने हर्ष से बातचीत की और इस वीडियो काल को रिकार्ड कर लिया। इसके बाद उसने हर्ष को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। युवती ने एक फोन नंबर भेजा और उस पर आनलाइन माध्यम से 20 हजार रुपये भेजने को कहा। साथ ही धमकी दी कि रुपये नहीं दिए तो वीडियो वायरल कर देगी। इस पर हर्ष ने युवती के खाते में रुपये भेज दिए।

छह दिसंबर को हर्ष को दूसरे नंबर से फोन आया। उक्त व्यक्ति ने अपना नाम गौरव मल्होत्रा और खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया। उसने कहा कि उन्हें एक अश्लील वीडियो प्राप्त हुआ है। अगर चाहते हो कि वीडियो उच्च अधिकारियों तक न पहुंचे और यूट्यूब पर वायरल न हो तो कुछ धनराशि देकर मामले को रफा-दफा कर लो। इसके लिए उसने एक फोन नंबर देकर उस पर बात करने को कहा। हर्ष ने उक्त नंबर पर संपर्क किया तो व्यक्ति ने अपना सही नाम संजय सिंह बताया और वीडियो वायरल न करने के बदले 64,500 रुपये की मांग की।

हर्ष ने उसके बैंक खाते में उक्त रकम डाल दी। इसके बाद संजय सिंह ने हर्ष को फिर फोन किया और कहा कि अभी उसने सिर्फ वीडियो डिलीट की है। उसका आइपी एड्रेस हटवाने के लिए एक लाख 11 हजार 500 रुपये और देने पड़ेंगे। हर्ष ने उक्त रकम भी दे दी। इस तरह आरोपितों ने पीडि़त से एक लाख 96 हजार रुपये हड़प लिए। शहर कोतवाली निरीक्षक कैलाश चंद भट्ट ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

ऐसे करते हैं ठगी

एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि साइबर ठग आमजन को वाट्सएप व मैसेंजर पर अश्लील वीडियो काल करते हैं। इनमें महिलाओं का उपयोग किया जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति काल रिसीव करता है, उसके सामने एक निर्वस्त्र महिला होती है। वह उससे बात करती है। इस दौरान वीडियो काल को रिकार्ड कर लिया जाता है। इसके बाद ठग इस आपत्तिजनक वीडियो को एडिट कर उस व्यक्ति को वाट्सएप पर भेजकर उसे ब्लैकमेल करता है।

वीडियो काल को रिसीव करने से बचें

एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि साइबर ठग इन दिनों सक्रिय हैं। ऐसे में जरूरी है कि वाट्सएप या किसी भी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से अंजान नंबर से आने वाली वीडियो काल को रिसीव न करें। अगर गलती से वीडियो काल उठा लेते हैं, तो डरने की जरूरत नहीं है। पुलिस से शिकायत करें और किसी को भी पैसे न दें। फेसबुक पर भी क्लोन अकाउंट के जरिये ठगी करने के मामले सामने आ रहे हैं।

आनलाइन वीडियो काल ठगी से ऐसे बचें

-वाट्सएप पर अगर अज्ञात नंबर से फोन आता है तो उसे रिसीव न करें।

-गलती से काल रिसीव कर लेते हैं, तो सामने का कैमरा आन न करें।

-फेसबुक में आने वाले लाइव चैट के विज्ञापन से बच के रहें।

-जूम मीटिंग एप की आइडी सार्वजनिक न करें, एडमिन कैमरा डिसेबल कर दें।

-वाट्सएप प्राइवेसी में अपना अकाउंट सिर्फ कांटेक्ट करके रखें।

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