लखनऊ: देश की मस्जिदों में लाउड स्पीकर के उपयोग पर सियासत तेज हो गई है. अब इस विवाद में साधु-संतों भी कूद पड़े है. वाराणसी के सिद्धपीठ पातालपुरी मठ के महंत बालकदास ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर लाउडस्पीकर पर अजान देना सही है, तो हनुमान जन्मोत्सव पर हनुमान चालीसा का पाठ क्यों नहीं किया जा सकता है.

महंत ने आगे कहा कि हनुमान चालीसा में 100 बार पाठ करने को कहा गया है. ऐसे में यदि पांच बार अजान होगी, तो हम दिन में 100 बार लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे. जब अदालत ने लाउडस्पीकर पर अजान न करने की बात कही है, तो उसका सम्मान सभी को करना चाहिए. मगर यदि इसे कोई नहीं मानता तो हम भी अपने धार्मिक कार्य में इसका उपयोग करेंगे. जब बारावफात और ताजिए निकलते हैं, तो कोई विरोध नहीं होता, मगर हिंदू धार्मिक यात्रा और प्रसार पर सवाल खड़े किए जाते हैं. हिंदू संगठन और संत समाज लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा चलाए जाने के समर्थन में है, जिसे आगे भी जारी रखा जाएगा.

बता दें कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने मस्जिदों से लाउड स्पीकर हटाने के लिए मोर्चा खोल रखा है. उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को अल्टीमेटम देते हुए मुंबई की एक रैली में कहा था कि यदि सरकार लाउड स्पीकर के मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लेती है तो उनकी पार्टी के कार्यकर्ता मस्जिदों के सामने तेज आवाज में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे.

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