वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद(Gyanvapi Masjid) में हुए सर्वे के बाद वहां शिवलिंग मिलने के दावों पर लगातार चर्चा हो रही है.

वाराणसी कोर्ट में इस पर सुनवाई जारी है. 16 मई को हुए सर्वे की रिपोर्ट लीक होने के बाद वाराणसी शहर में भी माहौल बदला हुआ है. ज्ञानवापी मस्जिद के मुद्दे पर क्विंट ने अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी के जॉइंट सेक्रेट्री सय्यद मोहम्मद यासीन से बात की. सर्वे रिपोर्ट, बढ़ते विवाद और वजूखाने में शिवलिंग है या फव्वारा जैसे सवालों पर मोहम्मद यासीन ने खुलकर जवाब दिए.

1992 के बाद क्या शहर में माहौल बदला है?

जब क्विंट ने सय्यद मोहम्मद यासीन से पूछा की 1992 में इतना कुछ हुआ फिर भी शहर में सौहार्द बना रहा लेकिन क्या शहर में अब माहौल बदला है, तो इसके जवाब में उन्होंने बताया कि 1992 के बाद शहर में कई जगह हिंसा और कर्फ्यू लगाए गए. लेकिन अभी तो सबकुछ सामान्य चल रहा है. आगे क्या होगा कुछ नहीं कह सकते. हमारी पूरी कोशिश होगी की शहर में सौहार्द बना रहे. किसी किस्म की कोई ऐसी बात न हो पाए जिससे लोगों को परेशानी हो. 

सर्वे की रिपोर्ट लीक होना दुर्भाग्यपूर्ण है

इस सवाल के जवाब में मोहम्मद यासीन ने बताया कि सर्वे की रिपोर्ट का लीक होना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. यासीन ने बताया कि जज महोदय ने कहा था कि इसको बिल्कुल सीक्रेट रखा जाए. अब जज महोदय को संज्ञान लेना चाहिए की इसे किसने लीक किया और क्या उद्देश्य था और कैसे लीक किया.

मामला अब जिला जज के पास गया है, क्या आप खुश हैं?

मोहम्मद यासीन ने बताया कि यह बहुत अच्छा हुआ, इनके जो एक्ट ऑफ कमीशन थे सीविल जज ऑफ सीनियर डिवीजन के ये न्यायपूर्ण नहीं थे. ये ताबड़तोड़ फैसले दे रहे थे और हमें कुछ भी समय नहीं दे रहे थे. 

मस्जिद कमेटी ने काशीनाथ कॉरिडोर के लिए जमीन का टुकड़ा दिया था

सय्यद मोहम्मद यासीन ने इस सवाल के जवाब में बताया कि जब मंदिर बन रहा था, ट्रस्ट के लोगों ने बताया कि यह जमीन का टुकड़ा हमारे रास्ते में बांधा बन रहा है, तो यह जमीन का टुकड़ा हमें दे दीजिए, तो वो जमीन हमने उन्हें दे दी. क्या इससे बड़ी मिशाल कोई हो सकती है?

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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