कैलाश मंदिर के महंत निर्मल गिरि जी ( Mahant Nirmal Giri of Kailash Temple ) ने आज आगरा में घटित घटना कर्म से अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा की मैं शुरू से आगरा मे अमन चैन का पक्षधर रहा हूं और ऐसे किसी विवादित मुद्दे का समर्थक नहीं हूं, जिससे शहर की फिजा खराब है. उन्होंने कहा कि मैं तो अखाड़े के निर्देश पर की आगरा मे किसी संत के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है पता करने गया वहं जाकर पता चला की वह जगतगुरु हैं. संत के नाते मेरी सहानभूति उनके साथ थी लेकिन शिवलिंग स्थापना मुद्दे से मेरा कोई लेना देना नहीं है.

क्योंकि मैं ऐसा कोई कृत्य नहीं करना चाहता जिससे शहर की इमेज खराब हो। महंत निर्मल गिरी ने कहा कि एडीएम प्रोटोकॉल और एसपी सिटी आगरा के सामने उन्होंने खुद जगतगुरु को बहुत समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वह नहीं माने तब उन्होने अपने पैर वापिस खीच लिए।  मैं बहुत बहुत साधुवाद देता हूं । प्रशासन और शासन को जिन्होंने इतने धैर्य से ये मुद्दा निपटाया।

बीते मंगलवार को ताजमहल देखने के लिए आगरा आए अयोध्या के जगत गुरु परमहंस आचार्य को एएसआई कर्मचारियों और सीआरपीएफ द्वारा ताजमहल देखने से रोक दिया गया। परमहंस आचार्य ने आरोप लगाया था कि उन्हें भगवा वस्त्र पहने और हाथ में धनुष दंड होने की वजह से ताजमहल परिसर प्रवेश नहीं करने दिया।

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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