हिसारः थर्मल पॉवर प्लांट के नजदीक रेलवे लाईन में तोड़फोड़ कर लगाया खालिस्तानी झंडा, SFJ ने लिया जिम्मा 

देशहिसारः थर्मल पॉवर प्लांट के नजदीक रेलवे लाईन में तोड़फोड़ कर लगाया खालिस्तानी झंडा, SFJ ने लिया जिम्मा 

हरियाणा में हिसार के बरवाला में शनिवार को खेदड़ पावर प्लांट के पास रेलवे लाइन को उखाड़ने की खबर सामने आई। बता दें कि इस रेलवे ट्रैक का इस्तेमाल पावर प्लांट तक कोयला पहुंचाने के लिए होता है।

ऐसे में शनिवार को रेलवे ट्रैक कीलो को उखाड़ा हुआ पाया गया। इस घटना की जिम्मेदारी प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) संगठन ने एक वीडियो जारी कर ली है।

बता दें कि रेलवे लाइन के पास एक दीवार पर पंजाबी में ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ भी लिखा था। वहीं एक वीडियो जारी कर सिख फार जस्टिस के नेता गुरवंत सिंह पन्नू ने रेल पटरी उखाड़े जाने की जिम्मेदारी ली है। उसने अपनी धमकी में कहा कि 15 अगस्त के दिन पूरे देश को अंधेरे में धकेल दिया जाएगा। देश के सभी थर्मल पावर प्लांट में कोयले की सप्लाई को रोक दिया जाएगा।

रेल पटरी उखाड़ने की जानकारी मिलने पर प्रशासन सतर्क हो गया। एसपी लोकेंद्र सिंह थर्मल पावर प्लांट के अधिकारी बबराला के डीएसपी कप्तान सिंह मौके पर पहुंचे। रेलवे की कीलो को उखड़ा हुआ देख अधिकारियों ने कीलो को ठीक करवाया। जिसके बाद ट्रेन आसानी से आ जा सकती है।

डीएसपी कप्तान सिंह ने जानकारी दी कि खेदड़ के पास रेलवे की 64 कीलो को निकाला दिया गया, जिसमें से 44 कीलों की बरामदगी हुई है। उन्होंने बताया कि इस घटना के मामले में छानबीन की जा रही है।

हिसार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) लोकेंद्र सिंह ने कहा कि पन्नू ने दावा किया कि भारत को अंधेरे में डालने के लिए यह सिर्फ एक शुरुआत थी और अगले साल तक हर थर्मल प्लांट को अंधेरे का सामना करना पड़ेगा। एसपी ने कहा कि सामने आए वीडियो में एक से दो लोगों को ट्रैक उखाड़ते और एक दीवार पर पंजाबी में ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ लिखते हुए देखा जा सकता है।

गौरतलब है कि बरवाला में अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सहमति जताने के बाद बुधवार शाम को हिसार प्रशासन और खेदड़ निवासियों के बीच छह दिनों से चल रहे गतिरोध को सुलझा लिया गया था। दरअसल पिछले कई सालों से किसानों को मुफ्त में पावर प्लांट से राख मिल रही थी। जिसे प्रशासन ने बंद करने का फैसला किया है। इसको लेकर बीते कुछ समय से स्थानीय ग्रामीण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

ग्रामीणों का कहना है कि राख न मिलने से करीब 1 हजार गायों का पालन पोषण कर रही गौशाला बंद हो जाएगी। इसलिए ग्रामीण पहले की तरह राख फ्री में देने की मांग कर रहे हैं। वहीम 13 जुलाई को इस गतिरोध को सुलझा लिया गया था।

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