किसान आंदोलन (Farmer Protest) को लेकर सुर्खियों में रहे किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) अपने बयानों को लेकर चर्चाओं में रहते हैं। हर मुद्दे पर टिकैत अपनी बात खुलकर कर रख रहे हैं। कर्नाटक में हिजाब (Karnataka Hijab Controversy) पर मचे बवाल पर खूब राजनीति हो रही है। हालांकि मामला अभी कोर्ट में है लेकिन बयानबाजी जारी है। BKU नेता राकेश टिकैत ने भी हिजाब पर अब अपनी राय दी है।

TV9 भारतवर्ष के एक कार्यक्रम में शामिल हुए राकेश टिकैत से जब सवाल पूछा गया कि हिजाब विवाद बहुत बढ़ चुका है। हाई कोर्ट ने कहा है कि जब तक कोई फैसला नहीं आ जाता, तब तक कोई धार्मिक पोशाक पहनकर स्कूल नहीं जायेगा। इस पर आपकी क्या राय है?

सवाल के जवाब में राकेश टिकैत ने कहा कि भई कोर्ट के आगे कौन क्या कह सकता है। ये तो देश बंधनों में जा रहा है। देश मुक्ति चाहता है। यहां (यूपी में) में तो ये मामला चला नहीं। ये तो इस मामला को यहां भी चलाना चाहते थे लेकिन जिस स्टेडियम में इस तरह के मैच होते थे वे स्टेडियम ही तोड़ दिए गए। अब वे दूसरी जगह चले गये। राकेश टिकैत ने कहा कि अब इसकी शुरुआत कौन कर रहा है?

राकेश टिकैत ने कहा कि विकास और शिक्षा पर कोई काम नहीं हो रहा है। इंटरनेशनल छवि क्या हो रही है इसकी किसी को चिंता नहीं है। आज भी हम ऐसे मसलों पर उलझ रहे हैं। हमें शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क पर चुनाव लड़ना चाहिए था लेकिन हम ऐसे मामलों में फंसाए जा रहे हैं।

बता दें कि कर्नाटक में हिजाब को लेकर उस वक्त विवाद खड़ा हो गया, जब स्कूल में हिजाब पहनकर आने पर रोक लगा दी गई। इसके बाद मुस्लिम लड़कियां इसको लेकर हाई कोर्ट पहुंच गई। तभी से हिजाब को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच गया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए सुनवाई करने से इंकार कर दिया कि पहले हाई कोर्ट का फैसला आने देना चाहिए।

वहीं अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को जमानत मिलने पर राकेश टिकैत ने कहा कि जो हमारे वकील थे, वो जब जज साहब के सामने बहस कर रहे थे तो आवाज सही से नहीं जा रही थी। हम दोबारा जज साहब के पास आवेदन करेंगे। उन्होंने अपना पक्ष मजबूती से रखा था। उनके पास 22 या 32 वकील थे और हमारे पास एक दो थे। अब गृह राज्य मंत्री से कौन मुकदमा लड़ सकता है।   

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