वक्फ बोर्ड (Delhi Waqf Board) की ओर से निजामुद्दीन मरकज (Nizamuddin Markaz) खोलने के लिए दायर याचिका पर केंद्र को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्तों का समय दिया है. पिछले साल कोविड-19 महामारी के दौरान ही तब्लीगी जमात (Tablighi Jamaat) के एक कार्यक्रम में शिरकत करने वाले सैकड़ों लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद 31 मार्च 2020 से ही निजामुद्दीन मरकज बंद है.

सुनवाई के दौरान जज मुक्ता गुप्ता ने कहा कि इस मामले में केंद्र ने अब तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया है. उन्होंने पूछा कि केंद्र आखिर जवाब दाखिल करना चाहता भी है या नहीं, आपने पहले दिन हलफनामा दायर करने के लिए समय लिया था. केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए वकील रजत नायर ने कहा कि उन्हें जवाब दाखिल करने का एक और मौका दिया जाए. कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के बोर्ड को दो हफ्ते का समय दिया है. इस मामले में अब अगली सुनवाई 13 सितंबर को होगी.

3 महीने पहले दी थी नमाज की इजाजत

इससे पहले 15 अप्रैल को कोर्ट ने मरकज में रमजान के दौरान 50 लोगों को नमाज पढ़ने की इजाजत दी थी. कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की नोटिफिकेशन में प्रार्थना स्थलों को बंद करने के बारे में कोई निर्देश नहीं है. साथ ही कोर्ट ने कहा था कि मरकज के पहले फ्लोर पर दिन में 5 बार नमाज पढ़ी जा सकती है, लेकिन कोरोना गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य होगा. कोर्ट ने पहली फ्लोर को छोड़कर किसी और फ्लोर पर नमाज अदा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.

दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में पिछले साल मार्च में तब्लीगी जमात का कार्यक्रम आयोजित हुआ था. इस आयोजन में देश-विदेश से शामिल लगभग 2000 लोगों में से कई लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. इसके बाद से ही मरकज से देशभर में कोरोना फैलने का मामला सामने आया था, जिसके बाद से ही मरकज को बंद कर दिया गया था.

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