मोहम्‍मद जुबैर मामले में हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को भेजा नोटिस 

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नई दिल्ली, 01 जुलाई: ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर मोहम्‍मद जुबैर केस में दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को मोहम्मद जुबैर द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया है और दो हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है।

गिरफ्तारी के मामले में मोहम्‍मद जुबैर ने चार दिन की पुलिस रिमांड को लेकर हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा है कि इस मामले पर अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगीा। मोहम्‍मद जुबैर को इस सप्ताह की शुरुआत में दिल्ली पुलिस ने 2018 में किए गए एक ट्वीट पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने पाया कि रिमांड आदेश चार दिनों की अवधि के लिए था, जो कल समाप्त हो रहा है और जुबैव को 2 जुलाई को संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। सुनवाई के दौरान, न्यायाधीश ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि इस फैलसे की “शेल्फ लाइफ” बहुत सीमित और कम है क्योंकि रिमांड शनिवार यानी 02 जुलाई को खत्म हो जाएगी।

ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर जुबैर की ओर से मामले में वरिष्‍ठ वकील वृंदा ग्रोवर ने हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखा। दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने कहा, “मुझे नहीं पता कि दिल्ली पुलिस आपके लिए और रिमांड की मांग कर रहे हैं या नहीं…? जब कल आपकी पुलिस रिमांड कल खत्म हो रही है तो ऐसे में इस फैसले और सुनवाई का कोई खास फायदा नहीं है। हो सकता है . अभियुक्तों को रिहा किया जा सकता है, न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है। ये कोई बेल का मामला नहीं है, इस मामले की शेल्फ लाइफ बहुत छोटी होगी।आप उचित कोर्ट में मामले रखें, जब कल कोर्ट में पेशी होगी।”

जुबैर के वकील ने पुलिस पर उठाए कई गंभीर सवाल? 

ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर जुबैर की वकील वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट से कहा, ” क्या मेरे मुवक्किल (जुबैर) का पासपोर्ट, मोबाइल, लैपटॉप जब्त किया जा सकता है। मेरे मुवक्किल ने ट्वीट किया था, जो ट्विटर पर है। ट्वीट फोन से किया गया था तो लैपटॉप क्यों जब्त किया गया है। मेरे मुवक्किल एक पत्रकार हैं, पुलिस उनके लैपटॉप में क्या खोज रही है।” जुबैर की वकील वृंदा ग्रोवर ने दिल्ली पुलिस के पूछताछ पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, कि ये कौन सा तरीका हुआ कि मेरे क्लाइंट को रात 10 बजे मजिस्ट्रेट के यहां पेश किया गया।

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