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Friday, April 19, 2024

भारतीय उच्चायुक्त ने श्रीलंका के वित्त मंत्री को दी इफ्तार पार्टी, लोगो ने कहा यहां खाने को दाना नहीं है

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नई दिल्ली। श्रीलंका के बिगड़े हालात (Srilanka Crisis) किसी से छिपे नहीं हैं। देशभर में लोग मौजूदा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में भारतीय उच्चायुक्त (High commission of India) गोपाल बागले (Gopal Baglay)की ओर से कोलंबो में इफ्तार पार्टी (Iftar Dinner in colombo) दी गई, जिसमें श्रीलंका के वित्त मंत्री भी शामिल हुए।

यह पार्टी एक होटल में आयोजित की गई थी। भव्य व्यवस्था को देखकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट गया और उन्होने श्रीलंका सरकार और भारतीय उच्चायुक्त की जमकर खिंचाई की है। 

श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में भारत के उच्चायुक्त गोपाल बागले ने इफ्तार पार्टी दी। इसमें श्रीलंका के वित्त मंत्री अली साबरी समेत वहां के कई मुस्लिम नेता मौजूद रहे। मगर इस पार्टी को लेकर सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जमकर वहां की सरकार को खरी खोटी सुनाई है। यूजर्स ने अपने कमेंट में पूरा देश डूब गया, मगर इनकी इफ्तारी नहीं रूकनी चाहिए। 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस पोस्ट के बाद रिया श्रोत्रिय नाम के ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि श्रीलंका के हालात इन दिनों खराब हैं। वहां ऐसी कोई जरूरत नहीं है कि इफ्तार पार्टी दी जाए। श्रीलंका वैसे भी इस्लामिक देश नहीं है। वहीं, निरजंन कुमार नाम के एक यूजर ने लिखा, इतना पार्टी फंक्शन कर दिखावा करने की जरूरत नहीं थी। श्रीलंका में महंगाई, भूखमरी और अकाल जैसी नौबत आ चुकी है। ऐसे में बीच चौराहे पर लंगर की व्यवस्था करवाकर हजारों को खाना खिलाकर संतुष्ट करना चाहिए था। 

देश की लंका लग रही और आपको पार्टी याद आ रही 
एक यूजर ने लिखा, देश की सच में नाम वाली लंका लग रही है और यहां इफ्तार याद आ रही है। ऐसे ही कई और यूजर्स ने इस मामले पर श्रीलंका सरकार और भारतीय उच्चायुक्त को घेरा है। बता दें कि श्रीलंका में बीते एक महीने में आर्थिक संकट गहराया हुआ है। यहां रुपए की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है। श्रीलंका लगभग 50 अरब डॉलर के कर्ज में डूबा है। 

आपातकाल के बाद गुस्सा और भड़का 
इससे पहले वहां गोटवाया सरकार ने गत 1 अप्रैल को देश में आपातकाल लागू कर दिया। इसके बाद से परेशान जनता की नाराजगी और बढ़ गई है। आपातकाल के दौरान 3 अप्रैल की रात राजपक्षे सरकार के पूरे मंत्रिमंडल ने अपना इस्तीफा सौंप दिया। वहीं दो दिन बाद 5 अप्रैल को यहां नार्वे, इराक और आस्ट्रेलिया ने अपने दूतावास को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया। हालांकि, इसके कुछ देर बाद ही देश से आपातकाल हटा लिया गया। नाराज लोग देशभर में चीन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

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Jamil Khan
Jamil Khanhttps://reportlook.com/
journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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