बॉलिवुड फिल्ममेकर () ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो () और उनके जोनल डायरेक्टर () के विरूद्ध लगे आरोपों पर अपनी राय रखी है. हंसल मेहता ने मांग की है कि समीर वानखेड़े को तब तक के लिए इस्तीफा दे देना चाहिए जब तकि उनके विरूद्ध आरोप गलत साबित नहीं हो जाते हैं. ड्रग्स केस () को लेकर पहले भी फिल्ममेकर ने कई बार अपनी बात कही है.

हंसल मेहता ने रविवार को अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है, ‘समीर वानखेड़े को तब तक के लिए इस्तीफा देना चाहिए जब तक कि ये (गंभीर) आरोप खारिज नहीं हो जाते हैं. बेगुनाही साबित करने की जिम्मेदारी केवल उन्हीं को क्यों दी जाए जिन्हें हिरासत में लिया गया है.’

बताते चलें कि आर्यन खान केस में गवाह प्रभाकर सेल ने हलफनामे के जरिए बताया कि केपी गोसावी के कहने पर वह येलो गेट पहुंचे थे. प्रभाकर सेल ने यह भी बताया है कि उन्होंने केपी गोसावी को कहते सुना था कि 8 करोड़ समीर वानखेड़े को देने हैं. उन्होंने यह भी बोला है कि एनसीबी ने गवाह बनाकर 10 ब्लैंक पेपर पर हस्ताक्षर ली.

समीर वानखेड़े पर आरोप लगने के बाद एनसीबी के डीडीजी मुथा अशोक जैन की तरफ से जारी किए बयान में बोला गया है कि एनसीबी के एक क्राइम मुद्दे में गवाह प्रभाकर सेल का हलफनामा सोशल मीडिया के जरिए मेरे संज्ञान में आया है. चूंकि वह गवाह है और केस विचाराधीन है इसलिए उसे सोशल मीडिया पर अपनी बात कहने के बजाय न्यायालय में अपनी प्रार्थना पत्र देने की जरूरत है. समीर वानखेड़े ने आरोपों से मना किया है.

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