गुजरात (Gujarat) सरकार ने शनिवार को किशन भरवाड़ की हत्या की जांच आतंकवाद विरोधी दस्ते (Anti-Terrorism Squad) को सौंप दी है. किशन फेसबुक पर एक आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में जमानत पर था. मामला अहमदाबाद के धंधुका कस्बे का है. यहां मंगलवार को दो बाइक सवारों ने दो राउंड फायर किए, जिसमें किशन शिवाभाई की मौत हो गई. घटना के बाद से ही तनावपूर्ण माहौल है. राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने ट्वीट कर कहा, “धंधुका में हुई घटना की जांच ATS को सौंप दी गई है. गुजरात पुलिस पीड़ित परिजनों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.”

पुलिस के मुताबिक, 27 वर्षीय किशन अपने चचेरे भाई भौमिक बोलिया के दोपहिया वाहन पर सवार था, जब अहमदाबाद जिले के धंधुका शहर के मोढवाड़ा में मंगलवार शाम करीब 5.30 बजे दो बाइक सवार हमलावरों ने उस पर गोली चला दी. गोली लगने से किशन की बाद में मौत हो गई. पुलिस ने अब तक इस मामले में तीन लोगों-सब्बीर (24) और इम्तियाज पठान (27) को धंधुका से और मौलाना मोहम्मद अयूब जवारावाला को जमालपुर शहर से गिरफ्तार किया है.

मौलाना ने मुहैया कराई थी बंदूक

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अहमदाबाद (ग्रामीण) पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, “मृतक ने 6 जनवरी, 2022 को एक फेसबुक पोस्ट अपडेट किया था, जिसमें उसने एक धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी लिखी थी. शिकायत के बाद किशन के खिलाफ धंधुका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. किशन को जमानत मिलने के बाद, दोनों (सब्बीर और पठान) ने उसे मारने का मन बना लिया . मौलाना ने उसे बंदूक और हथियार मुहैया कराया था.”

मौलाना के करीबियों की हो रही जांच

किशन भरवाड की हत्या के मामले में अहमदाबाद क्राइं ब्रांच और जिला पुलिस ने मौलाना को गिरफ्तार किया है. दैनिक भास्कर में छपी खबर के मुताबिक मौलाना की गिरफ्तारी होते ही रात में पत्नी और बेटे कहीं फरार हो गए. वहीं, पुलिस अब मौलाना के करीबी लोगों की भी जांच-पड़ताल कर रही है. जानकारी के मुताबिक किशन भरवाड की हत्या की साजिश अहमदाबाद में रची गई थी. हत्या की साजिश में मुंबई का रहने वाला मौलाना कमर का एक शख्स भी मौजूद था. दोनों हत्यारोपी शब्बीर और इम्तियाज को हत्या के लिए भड़काने के लिए उन्हें एक पाकिस्तानी मौलाना खालिद हुसैन रिजवी के भड़काऊ भाषण सुनाए गए.

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