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धीरे-धीरे पृथ्वी से दूर जा रहा चंद्रमा, इतने सालों बाद हमेशा के लिए गायब हो जाएगा: अध्ययन

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नई दिल्ली: चांद (Moon) धीरे-धीरे पृथ्वी (Earth) को छोड़कर दूर जा रहा है. हालांकि उसके दूर जाने की दर इतनी धीमी है कि हमें उसका अभी अहसास नहीं हो रहा है. एक वक्त ऐसा भी आएगा जब चांद पूरी तरह गायब ही हो जाएगा. यह दावा एक स्टडी में किया गया है.

करीब 4.5 अरब साल पहले बना चांद

द अटलांटिक की रिपोर्ट के मुताबिक वैज्ञनिकों ने कई स्रोतों के साथ मिलाकर बीमिंग लेजर्स का इस्तेमाल करते हुए ‘लूनर रिट्रीट’ को मापा. जिसमें पता चला कि चंद्रमा हर साल धीरे-धीरे पृथ्वी से दूर जा रहा है. वैज्ञानिकों के मुताबिक चांद (Moon) करीब 4.5 अरब साल पहले बना था. उस वक्त यह पृथ्वी के चारों ओर तैर रहे चट्टानी मलबे से बना हुआ था. तब चंद्रमा आज की तुलना में पृथ्वी (Earth) के पास होता था. इसलिए वह करीब 10 गुना ज्यादा स्पीड से पृथ्वी की परिक्रमा कर लिया करता था. इसकी वजह से दिन केवल 4 घंटे का होता था और बाकी वक्त रात होती थी.

पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण संपर्क में आया

वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि जिस मलबे से चंद्रमा (Moon) का निर्माण हुआ, वह पृथ्वी और बड़े आकार वाले किसी रहस्यमयी वस्तु के बीच टक्कर से बना था. उस वक्त चंद्रमा गर्म होता था और रात में लाल ग्रह की तरह चमकता था. पृथ्वी (Earth) की गुरुत्वाकर्षण शक्ति की वजह से तब वह उसके प्रभाव में आया और उसके चारों ओर परिक्रमा करने लगा.

चंद्रमा को खींच रहे हैं दूसरे ग्रह

रिपोर्ट के मुताबिक अब दूसरे ग्रह चंद्रमा (Moon) को अपनी ओर खींच रहे हैं. उनकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति पृथ्वी से ज्यादा है. इसलिए चंद्रमा प्रति वर्ष लगभग आठ इंच की दर से दूर जा रहा है. वैज्ञनिकों के अनुसार पिछले कुछ सालों में चंद्रमा के पीछे हटने की दर में बदलाव आया है. इसके चलते चंद्रमा पर कई खगोलीय घटनाएं घटी हैं. मसलन, चंद्रमा पर उल्का पिंडों की बमबारी की घटनाएं हो रही हैं. इससे पृथ्वी (Earth) के मौसम चक्र में भी बदलाव आ रहा है. 

धीरे-धीरे पृथ्वी से दूर जा रहा चंद्रमा

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पृथ्वी (Earth) की परिक्रमा करने की चंद्रमा (Moon) की दर अब धीमी हो गई है. जिसके चलते धरती पर दिनों की लंबाई बढ़ रही है. इसके बाद चंद्रमा धीरे धीरे जैसे पृथ्वी से दूर होता गया, धरती पर दिनों की लंबाई बढ़ती चली गई है. वैज्ञानिकों का कहना है कि करीब 600 मिलियन साल बाद चंद्रमा इतना दूर चला जाएगा कि वह एक तारा बनकर रह जाएगा और उसे नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकेगा. 

लुप्त हो जाएगा चांद?

वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसी स्थिति आने पर धरती (Earth) पर सूर्य और चंद्र ग्रहण की घटनाएं बंद हो जाएंगी. इसके बाद सूर्य के ज्यादा नजदीक खिसकने की वजह से वह उसकी गर्मी से पिघल जाएगा और फिर कुछ अरब साल बाद वह ब्रहमांड से गायब हो जाएगा. 

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