केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए 3 कृषि कानूनों का विरोध कर रहे संयुक्‍त किसान मोर्चे ने गुरुवार को देश भर में रेल रोको कार्यक्रम का आह्वान किया है। दिल्‍ली के बॉडर पर किसान पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि मोदी सरकार तीनों कानूनों को रद्द करें। कृषि कानूनों के खिलाफ प्रर्दशन कर रहे किसानों के नेताओं ने ये रेल रोको का कार्यक्रम शांति पूर्ण करने का आह्वान किया है।

किसानों ने रेल रोको कार्यक्रम को चार घंटे तक करने का आह्वान किया है। किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी ने रेल रोको आंदोलन के तहत अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन किया।

पंजाब, बिहार, दिल्‍ली समेत कई राज्यों में किसानों ने विरोध स्‍वरूप ट्रेन की पटरियों पर लेट गए और उन्‍होंने पूरा ट्रेक जाम कर दिया। दोपहर12 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित इस रेल रोको के तहत हजारों की संख्‍या में किसान ह‍िस्‍सा ले रहे हैं। 26 जनवरी को दिल्‍ली में ट्रैक्‍टर मार्च, 6 फरवीर को देशव्‍यापी चक्‍का जाम के बाद ये 18 फरवरी को अब रेल रोको आंदोलन आयोजित किया गया है।

इसके चलते पंजाब, बंगाल, उत्‍तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा समेत अन्‍य राज्यों में रेलवे सुरक्षा विशेष बल की 20 अतिरिक्‍त कंपनियों को तैनात किया गया है। किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी ने रेल रोको आंदोलन के तहत अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन किया। हरियाणा में रेल रोको आंदोलन के मद्देनज़र किसानों ने पलवल में रेलवे ट्रैक को ब्लॉक किया।

बता दें कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के सिंघु, टिकरी और गाज़ीपुर बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन 90 दिन जारी है। एक ओर सरकार ने फिर से बातचीत के रास्ते खुले होने की बात कही है तो वहीं किसान कानून रद्द कराने की मांग पर अड़े हैं। जिस वजह से सरकार ने इन सभी बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी है।

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