कोट्टायम (ANI)। जनसंख्या (Population) पर अंकुश लगाने के उपायों को लाने के उत्तर प्रदेश (Uttarpardesh) प्रशासन के प्रस्ताव पर विवाद जारी है। वहीं अब केरल के कोट्टायम जिले के पाला के कैथोलिक सूबा ने चार या अधिक बच्चों वाले परिवारों के लिए यह कहते हुए कि ‘बच्चे भगवान की ओर से एक उपहार हैं कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान किया है। पाला बिशप मार जोसेफ कल्लारंगट द्वारा जारी सर्कुलर में चार से अधिक बच्चों वाले परिवारों को वित्तीय और शैक्षिक सहायता सहित कई कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र है। कोविड-19 महामारी के कारण कई बच्चों वाले परिवारों के सामने आने वाली कठिनाइयों का हवाला देते हुए, सर्कुलर पाला सूबा द्वारा प्रबंधित कुछ संस्थानों में प्लेसमेंट सहायता भी प्रदान करता है।

1,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता 

वहीं जिनकी युगल की 2000 के बाद शादी हुई है और पाला सूबा के सदस्य हैं और उन्हें पांच या अधिक बच्चे हैं, तो उन्हें अगस्त 2021 से 1,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता मिलेगी। सर्कुलर में कहा गया है कि 5 या अधिक बच्चों वाले परिवारों के लिए, माता-पिता में से एक को उनकी योग्यता के आधार पर मार स्लीवा मेडिसिटी चेरपुंगल में नौकरी के लिए वरीयता मिलेगी। इसे सूबा द्वारा प्रबंधित किया जाता है। इसके अलावा धर्मप्रांत चौथे बच्चे के प्रसव के साथ-साथ मुफ्त शिक्षा के लिए मुफ्त चिकित्सा देखभाल भी प्रदान कर रहा है। पाला सूबा के तहत मार स्लीवा मेडिसिटी एंड होली घोस्ट मिशन अस्पताल चौथे बच्चे की डिलीवरी के लिए भर्ती अपने सदस्यों के लिए मुफ्त चिकित्सा सेवाएं देगा।

बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा की पेशकश होगी

चौथे बच्चे के बाद से बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा की पेशकश की जाएगी। जोसेफ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, मार स्लीवा नर्सिंग कॉलेज और होटल मैनेजमेंट कॉलेज का प्रबंधन सूबा द्वारा किया जाता है। इसके अलावा चौथे बच्चे के लिए नियुक्ति की गारंटी देते हुए परिपत्र में कहा गया है वर्ष 2000 और 2021 के बीच पैदा हुए चौथे बच्चे को शैक्षणिक संस्थानों में नियुक्ति के लिए योग्यता और सरकारी मानदंडों के अनुसार वरीयता मिलेगी। 

आज परिवारों के लिए बड़े वित्तीय संकट का समय

सर्कुलर में कहा गया है कि माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे जिम्मेदार पालन-पोषण के आधार पर अपने ईश्वर प्रदत्त बच्चों को सहर्ष स्वीकार करें और उनका पालन-पोषण करें। पोप फ्रांसिस ने 19 मार्च, 2021 से 19 मार्च, 2022 तक को पारिवारिक वर्ष घोषित किया है। आज परिवारों के लिए बड़े वित्तीय संकट का समय है। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार आज बहुत कठिन कार्य हैं। हमें आपको सूचित करते हुए खुशी हो रही है कि पाला सूबा अधिक बच्चों वाले परिवारों के लिए राहत और परिवार कल्याण योजनाओं के रूप में कई कार्य योजनाओं को लागू कर रहा है।

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