कोलकाता. पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2021) बेहद दिलचस्प हो सकते हैं. माना जा रहा है कि इस बार यहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) और बीजेपी के बीच असली टक्कर होगी. लेकिन अब इस चुनाव में एक और नई पार्टी ने एंट्री का ऐलान कर दिया है. खास बात ये है कि ये पार्टी बीजेपी का ‘खेल’ खराब कर सकती है. दरअसल रविवार को हिंदू समहति ( Hindu Samhati) नाम के एक संगठन ने एक नई पार्टी का ऐलान किया है. इस संगठन ने अपनी पार्टी का नाम जन समहति रखा है. इस पार्टी की नजर हिंदू वोटरों पर है. पार्टी ने ऐलान किया है कि वो बंगाल में कम से कम 170 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है.

हिंदू समहति ने रविवार को अपना फाउंडेशन डे मनाया और इसी दिन बंगाल में चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया. इस संगठन की पैठ बंगाल के कई जिलों में है. खासकर बंगाल के दक्षिणी इलाकों में इसकी पकड़ खासी मजबूत है. साल 2008 में इस संगठन की स्थापना तपन घोष ने की थी. बता दें कि घोष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्व प्रचारक थे.

बीजेपी को टक्कर!
हिंदू समहति भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ आवाज उठाती रही है. पहली बार साल 2017 में ये संगठन सुर्खियों में आया था. उस वक्त बसरिहार दंगों के दौरान दो नाबालिग को तपन घोष ने कानूनी मदद दी थी. बता दें कि पिछली बारी यानी 2019 के चुनाव में इस पार्टी ने बीजेपी को अपना समर्थन दिया था. लेकिन अब संगठन ने अपना मन बदल दिया है और वो बीजेपी के ही वोट बैंक में सेंध लगाने की फिराक में है.

फिलहाल किसी पार्टी से गठबंधन नहीं
जन समहति के अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत करते हुए कहा, ‘हिंदू समहति एक स्वतंत्र संगठन के रूप में काम करती रहेगी. जन समहति को एक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत किया गया है. हम उत्तर बंगाल में 40 और दक्षिण बंगाल में 130 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. अभी हमारे पास दूसरे दलों से गठबंधन की कोई योजना नहीं है. हमने 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा का समर्थन किया था, लेकिन तब से लेकर अब तक हालात बदल गए हैं. बंगाल में सत्ता में आने पर आम लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है. हिंदुओं ने भाजपा में अपना विश्वास खो दिया है.’

बीजेपी का झूठा वादा’
देवतनु भट्टाचार्य ने आगे कहा, ‘भाजपा नए नागरिकता कानून और NRC पर झूठे वादे कर रही है. असम और त्रिपुरा के कई हिंदू संगठन हमारे संपर्क में हैं. असम में डिटेंशन कैंप में हिंदू मारे जा रहे हैं. बंगाल में, पिछड़े मटुआ समुदाय, जिसने नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागू करने की मांग की, उन्हें वोट के लिए मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.’

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1 Comment

  1. इसको 200 सीट में से एक सीट तो छोड़ो 200 वोट भी मिल जाए तो बहुत बड़ी बात है, राजस्थान में बीजेपी के नंबर 2 के नेता ने अलग हिंदू वादी पार्टी बनाई थी, पार्टी का हाल क्या हुआ ये छोड़ो उस नेता का राजनीतिक करिअर खत्म हो गया…. हिंदू मुर्ख नहीं रहा अब, काफी हद तक समझ रहा कि कौन रामजादा है और कौन हरामजादा….

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