दो साल दो माह 24 दिन बाद जेल से रिहा हुए सपा के कद्दावर नेता और विधायक आजम खां शुक्रवार दोपहर करीब पौने दो बजे रामपुर पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनका फूल बरसाकर स्वागत किया।

इस सरकार को मुझसे इतनी नफरत क्यों 
आजम खां ने कहा कि जो कुछ भी हमारे साथ जेल में हुआ है वो हमारे चेहरे से नजर आ रहा होगा। इस सरकार को हमसे इतनी नफरत क्यों है, मैं ये समझ नहीं पा रहा हूं। कभी मुलाकात होने पर यह जानने की कोशिश करूंगा। 


बाबरी और ज्ञानवापी की सुनवाई में अंतर 
ज्ञानवापी मामले पर सवाल के जवाब में खां ने कहा कि बाबरी और ज्ञानवापी की सुनवाई में काफी अंतर है। बाबरी पर सालों बाद फैसला आया था। ज्ञानवापी पर सुप्रीम कोर्ट ने चंद दिनों में आदेश दिए हैं। 

उनका भी शुक्रिया जो मुलाकात करने नहीं आए 
आजम खां हर मुद्दे पर खुलकर बोले लेकिन सवाल जब अखिलेश यादव को लेकर किए गए तो वह टालते ही नजर आए। जेल में मुलाकात करने वालों को लेकर उन्होंने कहा कि जो जेल में मिलने आए, उनका शुक्रिया। उनका भी शुक्रिया जो मुलाकात करने नहीं आए। 

मैं मोबाइल चलाना भी भूल गया हूं 
जमानत को लेकर आजम खां ने कहा कि जज साहब ने कहा है कि जिस व्यक्ति के खिलाफ साक्ष्य नहीं हैं उसे जेल में क्यों बंद कर रखा है। इसके बाद चुनाव को लेकर उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। कहा कि मैं मुल्क जमीन और जमीर बेचने वाला नहीं हूं। मैं मोबाइल चलाना भी भूल गया हूं। 

40 साल के सियासी सफर में कभी कोई गलत काम नहीं किया 
घर पहुंचकर आजम खां ने प्रेसवार्ता में सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट को शुक्रिया कहा। इसके बाद उन्होंने बताया कि मेरी तबियत खराब है। तकलीफ भी बहुत है। हमारा मिशन कभी राजनीतिक नहीं रहा। 40 साल के सियासी सफर में कभी कोई गलत काम नहीं किया। हमने अपना शहर कैसे बसाया था, देख सकते हैं। हमारा बुनियादी मकसद था लोगों की सेवा करना। सबसे पहले मुझ पर आठ केस दर्ज किए गए। सभी मामलों में वादी पक्ष ने केस वापस ले लिए। हमने जो जमीन ली उसके पैसे दिए। मैंने कभी किसी की जमीन नहीं हड़पी। 

जो हुआ उसे भूल नहीं सकते- आजम खां 
रामपुर पहुंचने पर आजम खां ने कहा कि हमारे, हमारे परिवार के साथ जो हुआ उसे भूल नहीं सकते। हमारे शहर को उजाड़ दिया गया। मेरा 40 साल का सफर बेकार नहीं जाएगा। मेरा वक्त फिर लौटकर आएगा। जेल में किस तरह उन्होंने समय बिताया इस बारे में भी लोगों को बताया। आजम ने कहा कि रात होती थी तो सुबह और सुबह होती थी तो रात का इंतजार करते थे। मुझे सजायाफ्ता कैदी की तरह जेल में रखा गया। इस दौरान उन्होंने किसी का नाम तो नहीं लिया पर कहा कि सबसे ज्यादा जुल्म तो मेरे अपनों ने किए हैं। आजम का ये बयान सीधे तौर पर सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है। आजम लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान लोगों ने उनके समर्थन में नारेबाजी की। 

दुर्गनगला बाईपास पर पुलिस ने रोका आजम खां का काफिला 
सपा विधायक आजम खां के काफिले को पुलिस ने शहजादनगर थाना क्षेत्र में रामपुर नगर व बाईपास के की ओर जाने वाले मार्ग पर रोक लिया। पुलिस ने स्कूलों की छुट्टी व जुमे की नमाज के कारण अधिक संख्या में वाहन जाने से जाम लगने की आशंका जताते हुए सीमित वाहन ही शहर के अंदर से ले जाने की बात कही। जिस पर आजम खां के समर्थकों व पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। करीब 15 मिनट तक बहस के बाद बाद पुलिस ने आठ-दस गाड़ियों को शहर के अंदर जाने दिया जबकि करीब बीस से अधिक गाड़ियों को बाईपास से भेज दिया। 

क्यों परेशान किया जा रहा है- आजम खां 
काफिले में करीब 30 से अधिक गाड़ियां थीं। पुलिस ने इतनी बड़ी संख्या में एक साथ गाड़ियां जाने से शहर में जाम लगने की बात कहते हुए सीमित गाड़ियों को ही शहर के अंदर से जाने के लिए कहा। इस पर सपा कार्यकर्ता और आजम खां के समर्थक भड़क गए। उनकी पुलिस से कहासुनी होने लगी। मौके पर मौजूद सीओ सिटी अनुज कुमार चौधरी ने समर्थकों को समझाने का भी प्रयास किया लेकिन उन्होंने कोई बात नहीं सुनी। इसके बाद आजम खां और अब्दुल्ला आजम ने भी हस्तक्षेप किया। आजम खां ने कहा कि क्यों परेशान किया जा रहा है। 

आजम खां कभी भी घर पहुंच सकते हैं 
आजम खां कुछ ही पलों में घर पहुंच सकते हैं। कई पूर्व विधायक, नेताओं समेत समर्थकों का भारी हुजूम आजम खां का उनके घर के बाहर इंतजार कर रहा है। 

89 मामले किए गए थे दर्ज 
आजम खां के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 89 मामले दर्ज किए गए थे। जिसमें जमानत होने में करीब सवा दो साल का समय लग गया। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट से शत्रु संपत्ति मामले में जमानत मिलने और गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से रामपुर पब्लिक स्कूल के मामले में अंतरिम जमानत मिलने के बाद गुरुवार शाम को ही रामपुर कोर्ट से आजम खां की रिहाई के परवाने सीतापुर जेल प्रशासन के लिए विशेष संदेशवाहक के जरिए भेज दिए गए थे। 

जिसके बाद शुक्रवार सुबह आजम खां सीतापुर जेल से रिहा हो गए। इस दौरान उनके दोनों बेटे अदीब और अब्दुल्ला आजम और प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव भी सीतापुर जेल पहुंचे और आजम खां के रिहा होने के बाद उनके साथ रामपुर के लिए रवाना हुए। 

करीब बीस से अधिक गाड़ियों का आजम खां का काफिला शुक्रवार दोपहर करीब पौने दो बजे मिलक पहुंचा, जहां पर बाईपास पर सपा कार्यकर्ताओं व आजम खां के समर्थकों ने उनका पुष्प वर्षा कर पुष्प भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद आजम खां का काफिला रामपुर के लिए रवाना हो गया।

पूर्व सपा विधायक के घर आजम ने खाए आलू और पनीर के पराठे पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि जब आजम खां उनके घर आए तो उन्होंने नाश्ते में आलू और पनीर के पराठे खाए। गुप्ता ने ये भी बताया कि अखिलेश यादव ने ही आजम खां का पूरा ध्यान रखने को कहा था। उनके परिवार की हर तरह से मदद करने को कहा था। गुप्ता ने बताया कि आजम इसलिए उनसे मिलने आए थे क्योंकि मेरी तबीयत ठीक नहीं थी ऐसे में वह मुझे देखने आए थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या आजम अखिलेश यादव से नाराज हैं तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई नाराजगी नहीं है।

दरोगा ने कहा, रामपुर में बचकर रहें, एनकाउंटर हो सकता है- आजम 
जौहर यूनिवर्सिटी पर किए गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जौहर हमेशा बुलंद रहेगी। जौहर के जौहर कोई रोक नहीं सकता। अखिलेश यादव को लेकर किए गए एक सवाल को आजम टाल गए। हालांकि उन्होंने इशारों-इशारों में अपनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं कभी नेता नहीं रहा। शुरू से ही शिक्षाविद रहा। मैं लोगों की सेवा कर सकूं, ताउम्र मैंने यही साबित करने की कोशिश की। इसी का नतीजा है कि लोगों ने इतनी बार जीत दिलाई। वहीं आजम ने एक दावा भी किया है। उनका कहना है कि जेल में दरोगा ने कहा था कि रामपुर में बचकर रहें, रामपुर में एनकाउंटर हो सकता है।

पूर्व सपा विधायक के घर में समर्थकों का हुजूम 
जेल से रिहाई के बाद सपा नेता आजम खां सबसे पहले पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता के घर पहुंचे। यहां समर्थकों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। समर्थकों का बड़ा हुजूम आजम के पहुंचने से पहले ही वहां मौजूद था। उनके समर्थक आजम खां जिंदाबाद और आजम तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं के नारे लगाते नजर आए। करीब आधे घंटे रहने के बाद आजम यहां से रवाना हो गए। भीड़ के चलते उन्हें अपनी कार तक पहुंचने के लिए भी काफी संघर्ष करना पड़ा। इस बीच मीडिया ने फिर से उनसे बात करने की कोशिश की लेकिन वह कुछ नहीं बोले।

आजम की रिहाई पर अखिलेश ने किया ट्वीट 
आजम की रिहाई पर अखिलेश यादव की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न आने पर कई कयास लगाए जा रहे थे, हालांकि उन सभी पर विराम लगाते हुए सपा मुखिया ने ट्वीट कर आजम का स्वागत किया है। अखिलेश ने लिखा, सपा के वरिष्ठ नेता व विधायक आजम खां जी के जमानत पर रिहा होने पर उनका हार्दिक स्वागत है। जमानत के इस फैसले से सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय को नए मानक दिए हैं। पूरा ऐतबार है कि वो अन्य सभी झूठे मामलों-मुकदमों में बाइज्जत बरी होंगे। झूठ के लम्हे होते हैं, सदियां नहीं!

सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के घर पहुंचे आजम 
पहले ही कयास लगाए जा रहे थे कि आजम खां जेल से रिहा होकर सबसे पहले सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के घर जाएंगे। आजम की रिहाई के बाद हुआ भी ऐसा ही। वह जेल से रिहा होकर सबसे पहले वहीं पहुंचे। कहा जाता है कि यह विधायक आजम के सुख दुख के साथी रहे हैं।

मीडिया से नहीं की बात 
आजम खां को हिदायत दी गई है कि वह किसी मीडिया आदि से बात न करें, यही वजह है कि उनकी कार का शीशा नीचे नहीं हुआ और उन्होंने किसी से भी बात नहीं की। जेल से रिहा होने के बाद वह अपने दोनों बेटों के साथ एक ही कार में जेल से रवाना हुए।

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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