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Monday, April 15, 2024

‘हिंदू धर्म विरोधी फिल्में बनाने वालों को भिखारी बना दो,’ पठान फिल्म पर कालीचरण महाराज का बयान

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महात्मा गांधी पर विवादित बयान देने वाले संत कालीचरण महाराज फिर चर्चा में हैं. उन्होंने इस बार बॉलीवुड पर निशाना साधा है और विवादित फिल्मों का बहिष्कार करने की अपील की है. संत कालीचरण ने कहा कि फिल्म पठान हो या अन्य…

ऐसी फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर्स का भिखमंगा बनाने की जरूरत है. संत कालीचरण का कहना था कि ऐसी फिल्मों का बहिष्कार किया जाना चाहिए जो धर्म के खिलाफ हैं और ऐसे फिल्म निर्माताओं को भिखारी बना देना चाहिए. उन्होंने आगे कहा- मैं सभी हिंदू भाई बहनों को आह्वान करता हूं कि हिंदू धर्म का अपमान करने वाली जितनी भी धर्म द्रोही फिल्में बन रही हैं, उनका पूरी तरह से बहिष्कार करिए और इनको सबक सिखाइए कि धर्म का अपमान करने वालों को कैसे सजा मिलती है.

कालीचरण ने कहा- पठान हो या कोई अन्य फिल्म… इन सभी का बहिष्कार होना चाहिए. ऐसी फिल्म बनाने वालों को भिखमंगा बना देना चाहिए. यही इनके लिए दंड है. धर्म का अपमान करने वालों को सजा मिलनी चाहिए.

बता दें कि इससे पहले दिसंबर 2021 में संत कालीचरण छत्तीसगढ़ में विवादित बयान की वजह से चर्चा में आए थे. उन्होंने धर्म संसद में महात्मा गांधी को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की थी, जिसके बाद छत्तीसगढ़ की पुलिस ने संत को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया था और जेल भेज दिया था. बाद में वे जमानत पर रिहा हुए थे.

कालीचरण महाराज ने क्या कहा था?

रायपुर में हुई धर्म संसद में कालीचरण महाराज ने महात्मा गांधी को लेकर अपशब्द कहे थे. उन्होंने कहा, ‘इस्लाम का लक्ष्य राजनीति के माध्यम से राष्ट्र पर कब्जा करना है. हमारी आंखों के सामने उन्होंने 1947 में कब्जा कर लिया था… उन्होंने पहले ईरान, इराक और अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था. उन्होंने राजनीति के माध्यम से बांग्लादेश और पाकिस्तान पर कब्जा कर लिया था… मैं नाथूराम गोडसे को नमन करता हूं कि उन्होंने उस …. को मार डाला.

कौन हैं संत कालीचरण

कालीचरण महाराज महाराष्ट्र के अकोला के पुराना शहर शिवाजी नगर के रहने वाले हैं. उनका असली नाम अभिजीत धनंजय सराग है. वो भावसार समाज के हैं. कालीचरण महाराज एक साधारण परिवार में जन्मे हैं. उनके पिताजी धनंजय सराग की जयन चौक में मेडिकल शॉप है.

कालीचरण उर्फ अभिजीत हरिहर पेट के टाउन जिला परिषद स्कूल में आठवीं क्लास तक ही पढ़े. उनको पढ़ने में इतनी रुचि नहीं थी. मां बाप ने तंग आकर कालीचरण को उनकी मौसी के यहां इंदौर भेज दिया, जहां रहकर उन्होंने हिंदी बोलनी सीखी. साथ ही भय्यूजी महाराज के आश्रम में जाने लगे, वहां के काम में उनकी रूचि आने लगी और यहीं से उनको भय्यूजी महाराज की गुरु प्राप्ति हुई. यहीं से उनके नए नाम यानी कालीचरण महाराज की उत्पत्ति हुई.

चुनाव लड़ चुके संत कालीचरण

48 साल के कालीचरण महाराज सालों बाद अकोला लौटे. 2017 में संत कालीचरण महानगर पालिका के चुनाव में खड़े हुए थे, लेकिन विरोधी पार्टी से सांठ-गांठ कर उन्हें हरवा दिया गया. इसके लिए महाराज ने बाद में माफी भी मांगी थी.

शिव तांडव स्त्रोत से चर्चा में आए

कालीचरण महाराष्ट्र अकोला में हर साल कांवड़ यात्रा में हिस्सा लेते हैं. शिवभक्त कालीचरण महाराज अपने रूप और श्रृंगार को लेकर चर्चा में रहते हैं. कालीचरण महाराज दो साल पहले उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने मध्य प्रदेश के भोजपुर मंदिर में शिव तांडव स्त्रोत गाया था. उनका ये वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया था. उनकी शब्दवाणी पर शिवचरण पाठ पढ़कर लोग उन्हें काफी चाहने लगे.

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Ahsan Ali
Ahsan Ali
Journalist, Media Person Editor-in-Chief Of Reportlook full time journalism.

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