किसानों की ट्रैक्टर रैली के हिंसक हो जाने के बाद प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग न करने की वजह से दिल्ली पुलिस के जवानों को भी जान बचाकर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा। पूरे दिल्ली से ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जहां आंदोलन में शामिल लोग पुलिस को ही निशाना बनाते दिख रहे हैं। फिर चाहे वह आईटीओ हो या लाल किला। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर लाठी-डंडों और तलवार के दम पर पुलिसवालों को ही भगाना शुरू कर दिया।

न्यूज एजेंसी पीटीआई ने कुछ फोटोज शेयर की हैं, जहां दो पुलिसवालों को लाठी-डंडों से लैस उपद्रवियों से घिरने के बाद हाथ जोड़कर जान की भीख मांगते देखे जा सकते हैं। दूसरी तरफ न्यूज एजेंसी एएनआई ने भी लाल किले का एक वीडियो शेयर किया है, जहां दर्जनभर पुलिसवालों और सुरक्षाबलों को पीछे पड़े प्रदर्शनकारियों से भागने के लिए परिसर की 15 फुट ऊंची दीवार से कूदना पड़ रहा है।

इस वीडियो में उपद्रवियों को लाठी और डंडों के साथ पुलिसवालों पर हमला करते देखा जा सकता है। कई पुलिसवाले तो इस दौरान दीवार से अचानक ही गिर गए। इसी घटना से जुड़ी एक फोटो में पुलिसवाले को हमलावरों से बचने के लिए दरार में कूदता नजर आ रहा है।

वीडियो में आगे देखा जा सकता है कि एक ट्रैक्टर लाल किले की रेलिंग से टकराता है, जिसके चलते एक पुलिसकर्मी रेलिंग से सीधा नीचे गिर पड़ता है। इस दौरान घटनास्थल पर पीले रंग के झंडे लिए कई और हमलावरों को भी कुछ चीजें फेंकते देखा जा सकता है। बाद में प्रदर्शनकारी पास के ही एक गेट को तोड़ते और आगे बढ़ते भी नजर आते हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा में अब तक 300 पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर आ चुकी है। पुलिसवालों के खिलाफ हमले की यह घटनाएं मुकरबा चौक, गाजीपुर, आईटीओ, सीमापुरी, नंगलोई, टिकरी बॉर्डर और लाल किले पर हुईं। पुलिस का कहना है कि आंदोलन के दौरान आठ बसों और 17 निजी वाहनों में तोड़फोड़ की गई। उपद्रवियों ने गाजीपुर, टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर बैरिकेडों को भी उखाड़ फेंका।

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