नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी के प्रश्नपत्र में ‘हिंदुत्व’ की तुलना ‘नाजीवाद-फासीवाद’ से करने पर बवाल

शिक्षानोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी के प्रश्नपत्र में 'हिंदुत्व' की तुलना 'नाजीवाद-फासीवाद' से करने पर बवाल

हिंदुत्व की तुलना नाजीवादी और फासीवादी से करने के बाद नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी का प्रश्न पत्र विवादों के घेरे में आ गया है।

नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी (Sharda University) हिंदुत्व पर पूछे गए प्रश्नों के चलते विवादों के घेरे में आ गया है।

इसके प्रश्न पत्र में हिन्दुओं की तुलना फासीवादियों से की गई है। भाजपा नेता विकास प्रीतम सिन्हा ने ट्वीट करते हुए कथित रूप से इसे मुस्लिम शिक्षक द्वारा बनाया गया बताया है। प्रश्न पत्र BA के राजनीति विज्ञान के साल 2021-2022 सत्र का है।

भाजपा नेता ने अपने ट्वीट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath), धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) और शलभमणि त्रिपाठी (Shalabh Mani Tripathi) को टैग किया है। इस प्रश्न पत्र के पाँचवें नंबर पर सवाल किया गया है कि धर्मान्तरण के मूल कारण क्या हैं? वहीं, छठे नंबर पर पूछा गया है कि ”क्या आपको नाजीवादी, फासीवादी और हिंदुत्व में कोई समानता दिखती है?’ प्रश्न पत्र में दोनों सवालों को विस्तार से बताने के लिए कहा गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ ही देर बाद यह प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कुछ नेटीजेंस इस प्रश्न पत्र को #BanShardaUniversity के नाम से ट्वीट भी करने लगे।

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