भोपाल. धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार हुए कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी को कोर्ट से राहत नहीं मिली है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर बेंच ने बुधवार को फरूकी की जमानत को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि भाईचारे और सद्भावना का प्रचार करना हर नागरिक का संवैधानिक कर्तव्य है. कॉमेडियन पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान धर्मिक भावनाओं को मजाक उड़ाया था.

इंदौर पुलिस ने कॉमेडियन फारूकी और उसे चार साथियों को गिरफ्तार किया था. उनके खिलाफ बीजेपी सांसद मालिनी गौर के बेटे एकलव्य गौर ने शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि फारूकी ने हिंदू धार्मिक भावनाओं का अपमान किया है. वहीं, इंदौर टीआई कमलेश शर्मा ने कथित रूप से कहा है ‘उसके खिलाफ हिंदू देवी-देवताओं या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का अपमान करने के कोई सबूत नहीं मिले हैं.’

लाइव लॉ के अनुसार, फारूकी के वकीलों की तरफ से दायर दो याचिकाएं पहले भी खारिज हो चुकी हैं. यह तीसरी और राज्य की हाईकोर्ट की तीसरी याचिका थी. जहां बीती 25 जनवरी को जस्टिस रोहित आर्या ने कहा ‘लेकिन क्यों आप किसी और के धार्मिक भावनाओं का गलत फायदा उठाते हैं. आपकी सोच के साथ क्या गलत है. आप व्यापार के लिए ऐसा कैसे कर सकते हैं.’

वहीं, शिकायतकर्ता गौर ने फारूकी की गिरफ्तारी के बाद कहा ‘वो एक अपराधी है, जो हिंदू देवी देवताओं पर कई बार चुटकुले सुनाता है.’ गौर ने कहा ‘मैंने जब मुनव्वर के शो के बारे में सुना, तो मैंने टिकट खरीदा और देखने पहुंचा. जैसी की उम्मीद थी, वो हिंदू देवताओं का अपमान कर रहा था और साथ ही गोधरा दंगों में गृहमंत्री अमित शाह का नाम जोड़कर मजाक उड़ा रहा था.’

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