नई दिल्ली: पिछले साल देशभर में कोरोना महामारी फैली। जिस वजह से अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई। इस बीच 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। लोगों को उम्मीद थी कि बजट के बाद महंगाई की मार से उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन इसका उल्टा हुआ। पिछले दो हफ्तों से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इस बीच राष्ट्रीय गौ आयोग ने लोगों को गाय का गोबर इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है। साथ ही उम्मीद जताई कि गाय का गोबर महंगाई से काफी हद तक राहत दिलाएगा।

राष्ट्रीय गौ आयोग (NCC)के मुताबिक पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों की काट गाय के गोबर में छिपी है। लोग जब गाय के गोबर से बनी नैचुरल गैस (सीएनजी) का इस्तेमाल करेंगे, तो ये उन्हें पेट्रोलियम पदार्थों से सस्ता पढ़ेगा। आयोग की ये बात हवा-हवाई नहीं है, इस सलाह को उस डॉक्युमेंट में लिखा गया है जिसे नेशनल काउ साइंस एग्जाम में पेश होने जा रहे विद्यार्थियों के लिए वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। ये परीक्षा 25 फरवरी को होगी।

गौ आयोग ने डॉक्युमेंट ने गौ उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए गोबर सीएनजी पंपों का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा बैल वीर्य बैंक बनाने की भी बात कही गई है। राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (RKA) ने अपने कई वेबीनार्स में बाकायदा गाय उद्यमिता की अवधारणा पर चर्चा भी की। साथ ही अपनी वेबसाइट पर बताया कि दुनियाभर के कई उद्यमियों ने नई-पुरानी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इन सदाबहार संभावनाओं को तलाशना शुरू कर दिया है। बायोगैस इसका अच्छा उदाहरण है। वे सिलेंडर में भरे जा रहे, साथ ही उनका उपयोग खाना बनाने के लिए ईंधन के तौर पर हो रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक गोबर से प्राप्त ऊर्जा का उपयोग परिवहन में भी किया जा सकता है। इसका पहले बड़े पैमाने पर उत्पादन हो। इसके बाद सीएनजी पंप की तरह पंप खोलकर इसे गाड़ियों में भरा जाए। ये पेट्रोल-डीजल से काफी सस्ता पड़ेगा। आयोग ने दावा किया कि गाय के गोबर से भारी मुनाफा भी हो सकता है और व्यापार के अच्छे अवसर मिल सकते हैं।

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