नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका दौरे के लिये हाल ही में जब चयनकर्ताओं ने भारतीय टीम का ऐलान का किया तो जिस फैसले ने सबसे ज्यादा चौंकाया वो था विराट कोहली से वनडे प्रारूप की कप्तानी को लेकर रोहित शर्मा को पूरी तरह से सीमित ओवर्स प्रारूप की कमान सौंप देना। विराट कोहली ने टी20 विश्वकप 2021 के बाद कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया था, जिसके एक महीने के बाद भारतीय चयनकर्ताओं ने वनडे प्रारूप की कमान को भी रोहित शर्मा के हाथों में सौपने का ऐलान किया। विराट कोहली ने वर्कलोड मैनेजमेंट का हवाला देते हुए अपने टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया था लेकिन चयनकर्ताओं ने वनडे प्रारूप से उनकी कमान को छीना है।

बीसीसीआई के इस फैसले ने कई सारे लोगों को हैरान किया क्योंकि कप्तान कोहली ने टी20 प्रारूप में कप्तानी छोड़ने के बाद कहा था कि वो अभी कुछ 2023 विश्वकप तक वनडे प्रारूप की कमान संभालना चाहते हैं लेकिन चयनकर्ताओं के इस फैसले ने उनसे यह मौका छीन लिया। बीसीसीआई के इस फैसले पर नाराजगी जताने वाले लोगों में विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा का नाम भी शामिल है।

स्विच ऑफ आ रहा है कोहली का फोन

बीसीसीआई के इस फैसले पर विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने हैरानी जताते हुए कहा कि चयनकर्ताओं को अपने फैसले पर उसी वक्त सफाई दे देनी चाहिये थी जब उन्होंने टी20 प्रारूप से कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था।

यूट्यूब चैनल खेलनीति पोडकास्ट पर बात करते हुए राजकुमार शर्मा ने कहा,’मैं अभी तक विराट कोहली से बात नहीं कर सका हूं। किसी कारण से उसका फोन बंद आ रहा है। लेकिन मेरी राय में चयनकर्ताओं को उसी वक्त अपना स्टैंड क्लियर कर देना चाहिये था जब वो टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ रहे थे। उन्हें साफ-साफ कहना चाहिये था कि या तो वो सीमित ओवर्स की कप्तानी छोड़ दें या फिर किसी की भी न छोड़ें।’

गांगुली के बयान से हुई हैरानी

राजकुमार शर्मा ने आगे बात करते हुए फैसले को लेकर सौरव गांगुली के हालिया बयान पर भी हैरानी जताई जिसमें बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा था कि बोर्ड ने कोहली से टी20 प्रारूप की कप्तानी न छोड़ने की अपील की थी, लेकिन जब वो नहीं माने तो चयनकर्ताओं ने वनडे प्रारूप में भी एक ही कप्तान रखने का फैसला किया।

उन्होंने कहा,’मैंने सौरव गांगुली का बयान पढ़ा जिसमें उन्होंने टी20 विश्वकप से पहले विराट कोहली से इस प्रारूप की कमान न छोड़ने की अपील की थी। मुझे ऐसा कुछ भी याद नहीं है। उनका यह बयान मेरे लिये सरप्राइज की तरह था। इस मामले पर हर किसी के बयान का एक अलग वर्जन सुनने को मिल रहा है।’

बीसीसीआई के फैसलों में नहीं है पारदर्शिता

राजकुमार शर्मा ने आगे बात करते हुए भारतीय चयन समिति के फैसलों पर नाराजगी जताई है और आरोप लगाया है कि उनके फैसलों में किसी भी तरह की पारदर्शिता नहीं होती है।

उन्होंने कहा,’चयन समिति ने अपने फैसले के पीछे कोई भी कारण नहीं दिया है। हमें नहीं पता कि टीम मैनेजमेंट, बीसीसीआई या फिर चयनकर्ता क्या चाहते हैं लेकिन कोई भी स्पष्टीकरण नहीं होने का मतलब साफ है कि चयनसमिति के फैसलों में पारदर्शिता नहीं है। यह सब जिस तरह से हुआ उसे देखकर काफी दुख होता है। वह वनडे प्रारूप में टीम के काफी सफल कप्तान रहे थे।’

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1 Comment

  1. Fir se captain bnaya ja skta h agar surav ganguli virat se mafi mag le etne bde captain ko bina kisi Karn bcci ko bi adhikar nhi h aise addhayaksh ki kursi hi chheen Leni chahiye Jo kuchh smjta hi nhi apne aapko Dada khvata h kis Kam ka Dada aisa🥺🥺🥺🥺🥺🥺🥺🥺🥺Kohli Kohli Kohli ♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️Rohit no captain only Indian captain virat Kohli ♥️♥️♥️♥️aur hmesa wahi rhege……………

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