भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारी कर रहे हैं। यूपी में दलितों के साथ हुई किसी भी घटना के बाद चंद शेखर आजाद वहां जरूर पहुंचते हैं। इसी विषय को लेकर आज तक न्यूज़ चैनल के एक रिपोर्टर ने उन्हें दलित नेता कह दिया था। जिस पर उन्होंने भड़कते हुए कहा था कि इंसानों की नहीं बल्कि जानवरों की जाति होती है।

रिपोर्टर ने आजाद का परिचय देते हुए कहा था कि युवा दलित नेता चंद्रशेखर आजाद लखीमपुर खीरी में हुई घटना को लेकर गुस्से में हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा था कि हम गुस्से में नहीं बल्कि तकलीफ में हैं। अगर आप दलित नेता के बजाय यह कहते कि किसान का बेटा नाराज है तो शायद वह ज्यादा बेहतर होता है। उस अन्नदाता कत्ल हुआ है जिसकी वजह से चंद्रशेखर आजाद को रोटी मिलती है।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए चंद्रशेखर ने कहा था कि इस प्रशासन पर मुझे इसलिए नहीं भरोसा है क्योंकि हाथरस रेप कांड में इन्होंने लापरवाही की थी। डीएम जाकर पीड़िता के परिवार को से कह रहे थे कि बता दीजिए कि रेप हुआ ही नहीं है। उन्होंने कहा था कि मुझे लगता है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने मजबूर है। चंद्रशेखर आजाद ने पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर का जिक्र करते हुए कहा था कि सरकार के खिलाफ बोलने वालों को जेल भेज दिया जाता है।

आजाद ने दलित वाली बात को लेकर कहा था कि आपसे क्या यह पूछा जाए कि आप कौन से जाति के पत्रकार हैं। अगर मैं दलित नेता हूं तो आप भी अपनी जाति बताइए। मैं उसी नाम से आप को संबोधित करूंगा। इस पर रिपोर्टर ने जवाब दिया था कि मेरी कोई जाति नहीं है, मैं केवल एक इंसान हूं। आजाद ने सख्त आवाज में पूछा था कि मैं आपसे जाति पूछ रहा हूं तो आप अपने आपको इंसान बता रहे हैं। मुझे दलित नेता कह रहे हैं।

आजाद ने कहा था कि आप अपनी जाति बता देंगे तो मैं समझ जाऊंगा कि किस तरीके के सवाल आप पूछेंगे। उन्होंने अपने पार्टी के एक व्यक्ति की ओर इशारा करते हुए कहा था कि इनसे मैंने कई बार कहा है कि इंसानों की कोई जाति नहीं होती है, जाति केवल जानवरों की होती है। इसी बात से प्रभावित होकर इन्होंने हमारा साथ चुना है। इसके साथ उन्होंने केंद्र सरकार से जाति जनगणना करने की मांग करते हुए कहा था कि जिसकी जितनी संख्या है उसकी उतनी हिस्सेदारी तय हो जाए।

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