सोशल मीडिया पर एक्टिव 100 मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ साजिश रचने वाली आरोपी लड़की को उत्तराखंड से गिरफ्तार कर मुंबई ले जाया गया है. इस मामले में एक अन्य आरोपी 21 वर्षीय इंजीनियर विशाल कुमार झा भी गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि इन दोनों ने ही मिलकर ये पूरा रैकेट (Bulli Bai App Case) चलाया था और शक है कि इससे पहले सुल्ली डील्स भी इन्हीं दोनों के दिमाग की उपज थी. छानबीन में पुलिस को एक नेपाली लड़के की भी जानकारी हाथ लगी है, ये लड़की लगातार उसके संपर्क में थी.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी लड़की और उसके दोस्त ने बुल्ली बाई ऐप के माध्यम से मुस्लिम महिलाओं को लेकर अपमानजनक और अभद्र बातें फैलाई. और उनकी बोली लगाने जैसा घिनौना काम किया. पुलिस शातिर लड़की के साथी को भी बेंगलुरु से मुंबई ले जा रही है. जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड के उधम सिंह नगर से हिरासत में ली गई लड़की की उम्र 18 साल है. वह 12वीं कक्षा की छात्रा है. मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम उसे गिरफ्तार करने के बाद स्थानीय अदालत में पेश किया. वहां से आरोपी लड़की को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर टीम मुंबई रवाना हो गई. बुधवार को टीम उसे लेकर मुंबई पहुंच जाएगी. टीम आरोपी लड़की को लेकर करीब साढ़े 3 बजेउत्तराखंड से निकल गई थी.

अब तक जांच में क्या मिला?

अब तक की पुलिस जांच में सामने आया है कि युवती एक नेपाली युवक के संपर्क में थी. उसके संपर्क में आने के बाद ही उसने अपने ट्विटर हैंडल (अकाउंट) का नाम बदला था. इसके बाद उसने गत एक जनवरी को महिलाओं की बुल्ली एप के जरिए बोली लगवाई थी. बताया जा रहा है कि इसके संपर्क में कुछ और लोग भी हो सकते हैं, इसकी पड़ताल में अब उत्तराखंड एसटीएफ भी जुट गई है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक युवती पहले अपना इंफिनिट्यूड07 नाम से ट्विटर हैंडल चलाती थी. कुछ दिन पहले वह नेपाल के गाइयू नाम के ट्विटर हैंडल चलाने वाले युवक के संपर्क में आई. बताया जा रहा है कि उस युवक ने ही उससे कहा कि वह यह इस अकाउंट की जगह अपना एक फेक अकाउंट बना ले.

ट्विटर हैंडल बदलने से शुरू हुआ खेल!

लड़के के कहने के बाद ही इस लड़की ने अपने अकाउंट का नाम जाट खालसा7 रख लिया. इसी अकाउंट से उसने बुल्ली एप में समुदाय विशेष की महिलाओं की बोली लगवाई. मुंबई पुलिस इस नेपाली युवक की तलाश में भी जुट गई है. पुलिस ने उसके इस ट्वीट को रीट्वीट करने वाले और कमेंट करने वाले लोगों को भी ढूंढना शुरू कर दिया है. मिली जानकारी के मुताबिक 18 साल की यह युवती अभी केवल 12वीं के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है. पुलिस को शक है कि लड़की को लालच देकर फंसाने का केस भी हो सकता है.

बेहद गरीब घर से है आरोपी लड़की

पुलिस के मुताबिक आरोपी लड़की के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. उसकी एक बड़ी बहन है, जबकि दो भाई बहन उससे छोटे हैं. हालत ये हैं कि उनके घर का खर्च भी वात्सल्य योजना से चलता है. सवाल उठ रहा है कि क्या किसी और ने उसे मोटी कमाई का लालच दिया था. फिलहाल मुंबई पुलिस ने आईपीसी 153ए, 153बी, 295ए, 509, 500, 354डी, और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत दोनों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है.

सिख समुदाय को बदनाम करने की साजिश!

इस मामले में एक बात और भी गौर करने वाली है. ज्यादातर अकाउंट एक ख़ास समुदाय की भाषा में लिखे गए हैं, जबकि न तो ऊधमसिंह नगर से पकड़ी गई युवती और न ही बंगलूरू से पकड़ा गया युवक इस (सिख) समुदाय से ताल्लुक रखता है. पिछले साल जुलाई माह में भी इसी तरह की एक एप सामने आई थी. इसमें भी इसी भाषा का प्रयोग किया गया था.

बेंगलुरु से गिरफ्तार हुआ विशाल झा

इस कांड के दूसरे आरोपी विशाल कुमार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया है. वो 21 साल का एक इंजीनियरिंग छात्र है. विशाल इस साजिश की मुख्य आरोपी लड़की का दोस्त है. उत्तराखंड की रहने वाली आरोपी लड़की और विशाल दोनों एक दूसरे को पहले से जानते हैं. वे दोनों फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दोस्त हैं. इसलिए जांच में दोनों का लिंक होने की पुष्टि भी आसानी से हो गई है. इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी विशाल कुमार को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बेंगलुरु की कोर्ट में पेश किया. जहां से उसे 10 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है. साथ ही पुलिस को कोर्ट ने बुल्ली बाई एप मामले में उसके ठिकानों पर तलाशी लेने की इजाजत भी दे दी है.

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