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Wednesday, February 21, 2024
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दिल्ली दंगा:UAPA के तहत गिरफ्तार जामिया छात्र आसिफ इक़बाल, देवांगना और नताशा को हाई कोर्ट ने दी जमानत

साल 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगा मामले में यूएपीए की धाराओं में गिरफ्तार पिंजड़ा तोड़ कार्यकर्ता देवांगना कलीता, नताशा नरवाल और जामिया के छात्र आसिफ इकबाल को दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को जमानत दे दी है।

साल 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगा मामले में यूएपीए की धाराओं में गिरफ्तार पिंजड़ा तोड़ कार्यकर्ता देवांगना कलीता, नताशा नरवाल और जामिया के छात्र आसिफ इकबाल को दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को जमानत दे दी है।

जमानत 50,000 रुपये के व्यक्तिगत बांड और दो स्थानीय जमानत के अधीन है। जमानत की शर्तों में तीनों को अपना पासपोर्ट सरेंडर करना और ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होना शामिल है जो मामले में बाधा डालती हैं।

यह मामला दिल्ली पुलिस की उस “बड़ी साजिश” की जांच से संबंधित है, जिसके कारण फरवरी 2020 में राजधानी के उत्तर-पूर्वी इलाके में दंगे हुए थे।

आसिफ इकबाल तन्हा जामिया मिलिया इस्लामिया में बीए (ऑनर्स) (फारसी) कार्यक्रम के अंतिम वर्ष के छात्र है। उन्हें मई 2020 में यूएपीए के तहत दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार किया गया था और तब से लगातार हिरासत में है।

नताशा नरवाल और देवांगना कलिता जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पीएचडी स्कॉलर हैं, जो पिंजरा टॉड कलेक्टिव से जुड़ी हैं।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, नागरिकता संशोधन अधिनियम का पालन करते हुए, तन्हा, कलिता और नरवाल ने अन्य आरोपी व्यक्तियों के साथ मिलकर इस हद तक और इतने परिमाण में व्यवधान पैदा करने की साजिश रची कि अभूतपूर्व पैमाने पर अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था की गड़बड़ी हो।

साथ ही दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया था कि पिंजरा तोड़ के सदस्यों ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में महिलाओं को लामबंद किया और पूर्व नियोजित साजिश के तहत मदीना मस्जिद, सीलमपुर में 24/7 विरोध स्थल बनाया।

बीजेपी को पश्चिम बंगाल से मिल सकता है बड़ा झटका ? 24 विधायक बैठक से गायब

श्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव भले ही खत्म हो चुका है लेकिन राजनीतिक हलचल अभी भी जारी है। वर्तमान में भाजपा खेमे में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। नेता लगातार भाजपा का साथ छोड़ रहे हैं। इन सबके बीच सोमवार को ऐसी घटना घटी जिससे भाजपा की चिंता बढ़ सकती है।

दरअसल, सोमवार को नेता प्रतिपक्ष और पार्टी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में सभी विधायकों को राज्यपाल जगदीप धनकड़ से मुलाकात करनी थी और राज्य में हिंसा और रेप का मसला उठाना था। लेकिन इस मुलाकात में शुभेंदु अधिकारी के साथ सिर्फ 50 विधायक ही पहुंचे। जबकि भाजपा के पास फिलहाल 75 विधायक हैं। ऐसे में 2 दर्जन से अधिक इन विधायकों की गैर मौजूदगी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं

शुभेंदु अधिकारी के शक्ति प्रदर्शन में इन विधायकों पर शामिल ना होना पार्टी के लिए भी झटका है। दावा किया जा रहा है कि जो विधायक राज्यपाल से मिलने नहीं गए वह ज्यादातर उत्तर बंगाल से आते हैं। माना जा रहा है कि मुकुल रॉय के टीएमसी में शामिल होने के बाद भाजपा के कुछ और नेता तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। दूसरी ओर इसको लेकर शुभेंदु अधिकारी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इसमें सभी लोगों को नहीं बुलाया गया था।

आपको बता दें कि पिछले दिनों ही भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय ने पार्टी छोड़ अपने पुराने पार्टी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद से इस बात के कयास लगाए जा रहे है कि भाजपा के कई नेता तृणमूल में शामिल हो सकते हैं।

सोनाली गुहा, राजीब बैनर्जी का नाम सबसे आगे चल रहा है। दूसरी ओर इसी सवाल का जवाब प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष से मांगा गया तो उन्होंने कहा कि बीजेपी में रहने के लिए त्याग और तपस्या करना होता है, जिन्हें सत्ता चाहिए वह लोग जा सकते हैं।

तुर्की ने अफगानिस्तान में अपने सैनिकों की तैनाती बनाए रखने के लिए अमेरिका से सहयोग मांगा

उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के नेताओं के साथ बैठकों के बाद सोमवार को एर्दोआन ने कहा कि अमेरिका नीत नाटो बल के वापस जाने के बाद तुर्की अफगानिस्तान में नए मिशन के लिए पाकिस्तान और हंगरी से बात कर रहा है।

ऐसा माना जा रहा है कि तुर्की ने हवाई अड्डे पर सुरक्षा मुहैया कराने की पेशकश की है, क्योंकि प्रश्न उठ रहे हैं कि प्रमुख परिवहन मार्गों और हवाई अड्डे पर सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।

एर्दोआन ने कहा, ‘‘ अगर वे नहीं चाहते की हम अफगानिस्तान से जाएं, अगर वे तुर्की का समर्थन चाहते हैं, तो अमेरिक से हमें जो राजनयिक, साजो सामान संबंधी और आर्थिक सहयोग मिलेगा उसके काफी मायने होंगे।’’

तुर्की, एक बहुसंख्यक मुस्लिम राष्ट्र है जिसका अफगानिस्तान के साथ घनिष्ठ ऐतिहासिक संबंध हैं और वर्तमान में युद्धग्रस्त देश में उसके लगभग 500 सैनिक हैं।

एर्दोआन ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ उनकी बैठक काफी अच्छी रही और उन्होंने बाइडन को तुर्की आने का निमंत्रण भी दिया है।

वहीं, बाइडन ने पत्रकारों से कहा कि वह ‘‘ आश्वस्त हैं कि तुर्की के साथ संबंधों में सही में तेजी आएगी।’’

अफगानिस्तान के सवाल पर बाइडन ने कहा, ‘‘ नेताओं के बीच अफगानिस्तान को लेकर एक बड़ी सहमति बनी है। हमारे सैनिक वहां से लौट रहे हैं लेकिन हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि अफगानिस्तान के लोगों के लिए हमारी राजनयिक, आर्थिक, मानवीय प्रतिबद्धताओं को हम पूरा करेंगे।’’

मुस्लिमों के गरिमा के अधिकार को हिंदुत्ववादी गुंडों द्वारा छीना जा रहा है। : ओवैसी

हैदराबाद (तेलंगाना) : एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को दावा किया कि देश में कोविड-19 महामारी के चलते हुई मौतों की संख्या राजग सरकार द्वारा घोषित आंकड़ों से कहीं अधिक हैं।

उन्होंने दावा किया कि सरकार सच्चाई छिपा रही है।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मोदी सरकार कहती है कि कोविड के चलते काफी संख्या में मौतें नहीं हुई…उसका देश के आम आदमी की दशा और मौतों से संपर्क टूट गया है। वे इससे कोसों दूर हो गये हैं। ’’

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख ने मीडिया में आई उन खबरों का हवाला दिया, जिनमें दावा किया गया है कि देश में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान अत्यधिक संख्या में लोगों की मौतें हुई। उन्होंने इन दावों का भी जिक्र किया, जिनमें कहा गया था कि महामारी की पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर के दौरान कहीं अधिक संख्या में मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किये जा रहे हैं।

एआईएमआईएम प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार ने दूसरी लहर के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की थी और उसने टीकाकरण का आदेश जारी करने में देर की। उन्होंने दावा किया कि इन नाकामियों के चलते काफी संख्या में लोगों की मौतें हुईं।

उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी नाकामियों को छिपाना चाहती है और इसलिए वह सच्चाई को स्वीकार नहीं कर रही है।

इससे अलग, मुस्लिम समुदाय के लोगों पर हो रहे कथित हमलों के बारे में मीडिया में आई खबरों का जिक्र करते हुए उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘हिंदुत्व की विचारधारा में बहादुरी हमेशा ही कमजोर वृद्ध व्यक्तियों या किशोरों पर हमले करने में रही है। और हमेशा ही यह भीड़ के रूप में रही है(अकेले में ऐसा करने की नहीं रही है)।’’

ओवैसी ने कहा, ‘‘एनएचआरसी (राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग) क्या आप कार्रवाई करेंगे? ये लोग उसी विचारधारा से हैं। मुस्लिमों के गरिमा के अधिकार को हिंदुत्ववादी गुंडों द्वारा छीना जा रहा है।’’

इशरत जहां मुठभेड़ मामला: 17 साल बाद जावेद शेख के परिवार वालों को मिले उनके पासपोर्ट

अहमदाबाद, 14 जून इशरत जहां के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में मारे गए चार लोगों में से एक जावेद शेख की पत्नी और दो बच्चों को गुजरात में सीबीआई की एक अदालत में अर्जी स्वीकार होने के कुछ दिन बाद सोमवार को उनके पासपोर्ट वापस कर दिए गए। पुलिस ने 17 साल पहले इनके पासपोर्ट को जब्त कर लिया था। एक वकील ने इस बारे में जानकारी दी।

सीबीआई की अदालत के न्यायाधीश वी आर रावल ने नौ जून को शेख की पत्नी साजिदा, उनके बेटे सिद्दीकी और बेटी जैनब की अर्जियों को मंजूर कर लिया था। इन अर्जियों में अहमदाबाद सिटी अपराध शाखा को पासपोर्ट लौटने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने उनकी अर्जियों को इस शर्त के साथ स्वीकार किया कि दूसरे देश की यात्रा पर उन्हें अपने ठहरने के स्थान के बारे में बताना होगा और वे तीन महीने से ज्यादा समय तक विदेश में नहीं रह सकते।

याचिकाकर्ताओं की वकील शमशाद पठान ने पीटीआई-भाषा को बताया कि तीनों को सोमवार को अपराध शाखा के कार्यालय में बुलाया गया और अदालत के आदेश के बाद अधिकारियों ने उन्हें पासपोर्ट सौंप दिया।

तीनों के पासपोर्ट सिटी अपराध शाखा के पास जमा था। ये दस्तावेज पुणे पुलिस ने 2004 में उनके आवास से जब्त किए थे। अहमदाबाद के बाहरी इलाके में 15 जून 2004 को ‘‘मुठभेड़’’ में मुंबई की महिला इशरत जहां और तीन अन्य लोगों जावेद शेख उर्फ प्रग्नेश पिल्लै, जीशान जोहर और अमजद अली राणा की मौत हो गयी थी।

कनपटी पर तमंचा रख मुस्लिम बुजुर्ग से लगवाए जय श्री राम के नारे और दाढ़ी काटी, गिरफ्तार

राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद में विशेष समुदाय के एक बुजुर्ग की कनपटी पर तमंचा रखकर जय श्रीराम का नारा लगवाने का मामला सामने आया है। यह वारदात दस दिन पहले की है। उस समय सामान्य धाराओं में मुकदमा भी दर्ज हुआ था। अब सोमवार को संबंधित वीडियो वायरल के बाद लोनी बार्डर कोतवाली पुलिस ने मुकदमे में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धारा बढ़ाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।

गौरतलब है कि अनूपशहर बुलंदशहर के रहने वाले बुजुर्ग सूफी अब्दुल समद पांच जून की दोपहर लोनी बार्डर थाने के बेहटा हाजीपुर गांव में दरगाह वाली मस्जिद में जा रहे थे। लोनी बार्डर थाने के पास एक आटो चालक ने उन्हें मस्जिद तक पहुंचाने का झांसा देकर अपने आटो में बैठा लिया।

बु़जुर्ग का आरोप है कि आटो में चालक के अलावा तीन अन्य साथी भी बैठ गए। इसके बाद आरोपी उन्हें रेलवे अंडरपास के पास सुनसान स्थान पर ले गए। उसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की और किसी अज्ञात स्थान पर बने कमरे में ले गए, जहां आरोपी और उसके साथियों ने कनपटी पर तमंचा रखकर उनसे धार्मिक नारे लगवाए।

पीड़ित ने वायरल वीडियो में बताया कि आरोपियों ने दो कैंची निकालकर उससे उनकी दाढी काट दी। घंटों उन्हें प्रताड़ित करने के बाद आरोपियों ने उन्हें रेलवे लाइन के किनारे छोड़ दिया। किसी तरह वह लोगों से रास्ता पूछकर पैदल ही शहीदनगर में रहने वाली अपनी बेटी के घर पहुंचे। फिर सात जून को लोनी बार्डर थाने पहुंचकर अज्ञात आटो चालक व उसके तीन साथियों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने बताया कि तहरीर के अधार पर उसी समय आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई थी।

वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस
पुलिस ने सात जून को ही आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था, लेकिन जांच अभी शुरू नहीं हो पायी थी। इसी बीच सोमवार को पीड़ित का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। इसे देखते हुए पुलिस ने आनन फानन में मुकदमें में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धारा बढ़ाते हुए एक आरोपी को दबोच लिया। नवनियुक्त थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने बताया कि आरोपी को सोमवार को ही अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीओ लोनी अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रवेश पुत्र सुरेश निवासी रामविहार लोनी के रूप में हुई है। बाकी आरोपियों की तलाश कराई जा रही है।

मामला संज्ञान में आने के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपियों की भी पहचान हो गई है। बहुत जल्द सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। – डॉ. ईरज राजा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण

राजस्थान: बैल ले जा रहे दो युवकों की मोब लिंचिंग, 1 की मौत

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में रविवार देर रात कुछ लोगों ने गोवंश लेकर मध्य प्रदेश जा रहे दो युवकों पर हमला कर दिया जिसमें एक युवक की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया। घटना के संबंध में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस ने सोमवार को कहा कि पीड़ित युवक बेगूं गांव से कृषि कार्य के लिए तीन बैल लेकर मध्य प्रदेश में अपने गांव जा रहे थे। 13-14 जून की मध्य रात्रि चित्तौड़गढ़ जिले के बिलखंडा चौराहे पर कुछ लोगों ने उन पर गोवंश तस्करी का आरोप लगाते हुए लाठियों से हमला कर दिया। चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने कहा कि मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के रहनेवाले बाबू भील व पिंटू भील इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में, 25 वर्षीय बाबू भील ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के संबंध में सात-आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है

बेगूं क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह ने कहा कि दोनों पीड़ित एक वाहन में बैल लेकर जा रहे थे। कुछ स्थानीय लोगों ने उनपर गोवंश तस्करी का आरोप लगाते हुए हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि घायल युवक ने बताया कि उसने बैल बेगूं गांव से खरीदे थे और खेती के काम के लिए अपने गांव लेकर जा रहे थे। हालांकि उसके पास कोई दस्तावेज नहीं थे और पुष्टि के लिए पशु कारोबारियों को बुलाया गया है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) रविप्रकाश मेहरड़ा ने यहां बताया कि इस मामले में आरोपियों का पता लगाकर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “13 और 14 जून की मध्यरात्रि को, चित्तौड़गढ़ जिले में दो व्यक्ति कुछ गोवंश को मध्य प्रदेश ले जा रहे थे। भीड़ ने उन पर हमला कर दिया और उनमें से एक की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। हत्या का मामला दर्ज किया गया है।“

उन्होंने कहा, “मृतक की पहचान बाबू (25) के रूप में हुई है। घायल दूसरे व्यक्ति की पहचान पिंटू के रूप में हुई है। चित्तौड़गढ़ पुलिस ने 7-8 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है. जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

उन्होंने आगे बताया कि उदयपुर रेंज के आईजी मौके पर पहुंच गए हैं और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर रहे हैं। मेहरदा ने कहा, “हम आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।”
उदयपुर के पुलिस महानिरीक्षक व अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। चित्तौड़गढ़ पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया है।

राम मंदिर जमीन घोटाले के आरोप, मामला गरमाया तो विपक्षी पार्टी नेताओ ने कसा तंज

दिल्ली के डिप्टी सीएम सिसोदिया ने कहा कि देश की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि, लोग भव्य मंदिर निर्माण का इंतजार कर रहे हैं. मंदिर बनाने की जिम्मेदारी श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट की है. लेकिन कुछ ही दिन पहले ट्रस्ट ने 12080 वर्गमीटर जमीन खरीदी. जिसे 18.5 करोड़ रुपये में खरीदा गया. जिसके सारे पेपर हमारे पास हैं.उन्होंने बताया,

“जमीन के दस्तावेज में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा एक गवाह थे, वहीं दूसरे गवाह अयोध्या के मेयर और बीजेपी नेता ऋषिकेश उपाध्याय थे. रामभक्तों को जमीन खरीदने से खुशी ही होगी. क्योंकि इसके लिए सबने कुछ न कुछ पैसे दिए हैं. लेकिन असली दिक्कत तब होती है जब पता चलता है कि इस जीमीन को खरीदने में कितना बड़ा घोटाला हुआ है. जमीन रवि मोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी से ट्रस्ट ने खरीदी, लेकिन उसी दिन इससे ठीक 5 मिनट में पहले सुल्तान अंसारी और सुल्तान अंसारी ने यही जमीन हरीश पाठक और कुसुम पाठक से खरीदी. लेकिन ये जमीन सिर्फ 2 करोड़ में खरीदी गई थी. इसके 5 मिनट बाद रवि मोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी से यही जमीन श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने 18.5 करोड़ रुपये में खरीद ली.”

“जमीन के दस्तावेज में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा एक गवाह थे, वहीं दूसरे गवाह अयोध्या के मेयर और बीजेपी नेता ऋषिकेश उपाध्याय थे. रामभक्तों को जमीन खरीदने से खुशी ही होगी. क्योंकि इसके लिए सबने कुछ न कुछ पैसे दिए हैं. लेकिन असली दिक्कत तब होती है जब पता चलता है कि इस जीमीन को खरीदने में कितना बड़ा घोटाला हुआ है. जमीन रवि मोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी से ट्रस्ट ने खरीदी, लेकिन उसी दिन इससे ठीक 5 मिनट में पहले सुल्तान अंसारी और सुल्तान अंसारी ने यही जमीन हरीश पाठक और कुसुम पाठक से खरीदी. लेकिन ये जमीन सिर्फ 2 करोड़ में खरीदी गई थी. इसके 5 मिनट बाद रवि मोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी से यही जमीन श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने 18.5 करोड़ रुपये में खरीद ली.”

ट्रस्ट के सदस्य और बीजेपी मेयर पर आरोप

मनीष सिसोदिया ने बताया कि, जो जमीन हरीश पाठक और कुसुम पाठक से 2 करोड़ में खरीदी गई थी, उसमें भी अनिल मिश्रा और अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ही गवाह थे, इसके बाद जब यही जमीन 18.5 करोड़ में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने खरीदी तो भी यही दोनों गवाह के तौर पर मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि, हमें पहले ये कागजात झूठे लगे और इसमें किसी फर्जीवाड़े की आशंका जताई गई. लेकिन इसके ठीक बाद श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने खुद बताया कि उन्होंने ये जमीन खरीदी है. इससे बहुत दुख हो रहा है. लोग आस्था से चंदा दे रहे हैं, उनसे खिलवाड़ ठीक नहीं है.

आम आदमी पार्टी के अलावा अब इस मुद्दे को अन्य दल भी उठा रहे हैं. कांग्रेस नेता और प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने भी एक न्यूज आर्टिकल शेयर करते हुए लिखा कि, “देते हैं भगवान को धोखा इंसान को क्या छोड़ेंगे”

टीएमसी सांसद बोले- उम्मीद है अयोध्या पहुंचेगी केंद्र की टीम

इस मामले में टीएमसी सांसद सांतनु सेन ने कहा कि, इस मामले की जांच होनी चाहिए. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि,

“उम्मीद है कि केंद्र की एक टीम अयोध्या में राम मंदिर घोटाले की जांच के लिए पहुंचेगी. सिर्फ 5 मिनट में जमीन की कीमत 2 करोड़ से 18.5 करोड़ हो गई. इस मामले में अंतरराष्ट्रीय नेता पीएम मोदी से सफाई चाहते हैं, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन के तीन दाम तय कर दिए और जी-7 मीटिंग में वन वर्ल्ड वन हेल्थ पॉलिसी की बात कही.”

संजय राउत बोले- ट्रस्ट को देनी चाहिए सफाई

इस पूरे मामले को लेकर शिवसेना की तरफ से भी रिएक्शन आया है. शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि, ये आस्था का मामला है और इस पर सफाई देनी चाहिए कि जमीन घोटाले का ये मामला सच है या फिर झूठ… उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के लिए राम मंदिर एक राजनीतिक मुद्दा है.

मशहूर कार्टूनिस्ट मंजुल ने भी अपने ही अंदाज में इस कथित घोटाले को दिखाया. उन्होंने अपने बनाए एक कार्टून के जरिए इसकी आलोचना की. बता दें कि मंजुल वही कार्टूनिस्ट हैं, जिनके खिलाफ सरकार ने ट्विटर को शिकायत की थी, वहीं उन्हें इसके बाद चैनल ने भी सस्पेंड कर दिया था.

मंदिर ट्रस्ट की तरफ से सफाई

बता दें कि इस मामले को लेकर राम जन्‍मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्‍ट की तरफ से सफाई भी सामने आई है. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन तमाम आरोपों पर कहा कि, “भूमि को खरीदने के लिए वर्तमान विक्रेता गणों ने सालों पहले जिस मूल्य पर अनुबंध किया था, उस भूमि का 18 मार्च को बैनामा कराया और उसके बाद ट्रस्ट के साथ अनुबंध हुआ.”

वहीं रामजन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की बात कही है. उन्होंने कहा कि, ‘मंदिर निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट किसी तरीके का घोटाला कर सकता है, ये संभव नहीं.’

देशद्रोह के मामले में अग्रिम ज़मानत के लिए HighCourt पहुँची फ़िल्मकार आयशा सुल्ताना

कोच्चि। फिल्मकार आयशा सुल्ताना ने अग्रिम जमानत का अनुरोध करते हुए सोमवार को केरल उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की। लक्षद्वीप पुलिस ने आयशा पर राजद्रोह का आरोप लगाया है। सुल्ताना ने अपनी याचिका में कहा कि अगर वह कवरत्ती जाती हैं तो उन्हें गिरफ्तार किए जाने की आशंका है। पुलिस ने उन्हें 20 जून को कवरत्ती थाने में पेश होने को कहा है।

भाजपा के एक नेता ने फिल्मकार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि एक टीवी परिचर्चा के दौरान आयशा सुल्ताना ने केंद्रशासित प्रदेश में कोविड-19 के प्रसार को लेकर के गलत खबर फैलायी है। भाजपा नेता की शिकायत के बाद 10 जून को सुल्ताना के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। यह शिकायत भाजपा की लक्षद्वीप इकाई के अध्यक्ष अब्दुल खादर ने दर्ज कराई थी।

खादर ने शिकायत में कहा कि एक मलयालम चैनल पर चर्चा के दौरान सुल्ताना ने कथित तौर पर कहा कि केंद्र ने लक्षद्वीप में कोविड-19 के प्रसार के लिए जैविक हथियारों का उपयोग किया था। भाजपा नेता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि सुल्ताना का कृत्य राष्ट्र विरोधी कृत्य है और इससे केंद्र सरकार की देशभक्त छवि धूमिल हुयी है।

गाजियाबाद: मुस्लिम बुजुर्ग को पीटा, दाढ़ी काटी और लगवाए जय श्री राम के नारे

गाजियाबाद. देश की राजधानी दिल्‍ली से सटे गाजियाबाद (Ghaziabad) जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल (Video Viral) हो रहा है. वायरल वीडियो में कुछ युवक एक मुस्लिम बुजुर्ग के साथ मारपीट करते हुए दिख रहे हैं. तभी एक युवक कैंची से उस बुजुर्ग की दाढ़ी काट देता है.

मामला प्रकाश में आने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक, घटना गाजियाबाद के लोनी इलाके का है. कहा जा रहा है कि 5 जून को बुजुर्ग अब्दुल समद (Abdul Samad) के साथ उस समय मारपीट की गई जब वह नमाज अदा करने के लिए मस्जिद जा रहे थे. हालांकि, रिपोर्ट लुक इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.

जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने पहले अब्दुल समद को कथित तौर पर एक ऑटो-रिक्शा से अपहरण किया था. इसके बाद उसे पास के जंगल में स्थित एक झोपड़ी में ले गए, जहां पर उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई. दावा है कि समद से ‘जय श्री राम’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे भी लगवाए. आरोपियों ने उन्हें लकड़ी के डंडों से पीटा. आरोपियों ने कथित तौर पर समद पर पाकिस्तानी जासूस होने का भी आरोप लगाया. वहीं, हमलावरों में से एक पूरी बाजू की सफेद टी-शर्ट और नीले रंग की स्वेटपैंट पहने हुए है. उसने समद को चाकू से धमकाया कि वह उनकी दाढ़ी को जबरन काट देगा.

जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, समद ने बताया कि वह ऑटो रिक्शा से अपने रास्ते से जा रहे थे. उसी वक्‍त उनसे लिफ्ट मांगी गई और दो लोग बैठ गए. उन्‍होंने बताया कि इसके बाद उन्‍हें किसी और स्‍थान पर ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई. समद ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया. समद ने कहा कि उन्होंने उनकी दाढ़ी काट दी.

उन्होंने कहा कि युवकों ने मुझे अन्य मुसलमानों पर हमले का एक वीडियो भी दिखाया. समद की माने तो हमलावरों ने दावा किया था कि उन्होंने पहले भी कई मुसलमानों को मार डाला था. वहीं, इस प्रकरण में सीओ लोनी अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि इस मामले में पूर्व में ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.